RANCHI : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने कुंदन कुमार नाम के एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि कुंदन कुमार ने खुद गलत तरीके से JSSC CGL परीक्षा में सफलता हासिल की और अपने संपर्कों के जरिए 20 से अधिक अन्य अभ्यर्थियों को भी गलत तरीके से सफल कराने में मदद की. कुंदन कुमार पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के नमोदाग गांव निवासी रामलाल राम का पुत्र बताया गया है. JSSC CGL परीक्षा में सफल होने के बाद वह गुमला जिले के सिसई में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर कार्यरत था. CID ने उसे पलामू से गिरफ्तार किया है.
परीक्षा कराने वाली कंपनी के संचालक से संपर्क का आरोप
जांच के दौरान सामने आए आरोपों के मुताबिक, कुंदन कुमार का संपर्क परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी ICN के संचालक मिथिलेश सिंह से था. आरोप है कि दोनों ने मिलकर परीक्षा में गड़बड़ी के जरिए अभ्यर्थियों को सफल कराने का काम किया. CID अब इस कथित सिंडिकेट में कुंदन की भूमिका और दूसरे लोगों से उसके संपर्कों की जांच कर रही है.
परीक्षा कराने वाली कंपनी के संचालक से संपर्क का आरोप
मामले में सामने आई शिकायत में कुंदन कुमार के भाई विकास कुमार, रवि और धर्मेंद्र समेत कुछ अन्य लोगों के नाम का भी उल्लेख किया गया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुंदन ने इन लोगों समेत कई अभ्यर्थियों को JSSC CGL में सफलता दिलाने में मदद की.
CID ने इससे पहले भी JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई की है. अब कुंदन कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी उसके नेटवर्क, कथित लेन-देन और परीक्षा में गड़बड़ी के तरीके की जानकारी जुटाने में लगी है. हालांकि, कुंदन कुमार और अन्य लोगों पर लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है.
