RANCHI : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में 4.26 लाख राशन कार्डों के सत्यापन को लेकर केंद्र सरकार के निर्देश का विरोध किया है. उन्होंने केंद्र के आदेश को ‘तुगलकी’ बताते हुए कहा कि महज तीन दिनों में इतनी बड़ी संख्या में राशन कार्डों का सत्यापन करना व्यावहारिक नहीं है. डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में पहले से ही कर्मचारियों की कमी है. ऐसे में करीब 4.26 लाख राशन कार्डों की जांच के लिए सिर्फ तीन दिन का समय देना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी व्यवस्था और प्रक्रिया के अनुसार राशन कार्डों का सत्यापन करेगी.
‘गरीबों के राशन पर असर नहीं पड़ना चाहिए’
मंत्री ने केंद्र सरकार से राशन कार्ड सत्यापन की समयसीमा और प्रक्रिया पर दोबारा विचार करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया के कारण किसी भी गरीब परिवार को राशन मिलने में परेशानी नहीं होनी चाहिए. इरफान अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सत्यापन में देरी होने की स्थिति में राशन का उठाव रोकने की बात कही है. इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी फैसले से पहले केंद्र सरकार को राज्यों के खाद्य आपूर्ति मंत्रियों से बातचीत करनी चाहिए और जमीनी स्थिति को समझना चाहिए.
एफसीआई से सीधे अनाज पहुंचाने के प्रस्ताव पर भी सवाल
डॉ. इरफान अंसारी ने भारतीय खाद्य निगम से सीधे अनाज पहुंचाने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अनाज की ढुलाई और वितरण से बड़ी संख्या में गरीब मजदूरों को रोजगार मिलता है. अगर अनाज सीधे पहुंचाया गया, तो इससे इन मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है. मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को कोई भी समयसीमा या व्यवस्था तय करने से पहले राज्यों में उपलब्ध कर्मचारियों और अधिकारियों की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि जल्दबाजी में लिए गए ऐसे फैसलों का असर राज्य के विकास और गरीबों से जुड़ी योजनाओं पर पड़ सकता है. उन्होंने केंद्र सरकार से राशन कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया को व्यावहारिक बनाने और गरीबों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की.
