Ranchi : झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के सरकार के फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है. मंगलवार को राजधानी रांची के प्रोजेक्ट भवन के बाहर बड़ी संख्या में नवनियुक्त सहायक प्रशाखा पदाधिकारी जुटे और सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि वे सरकार के किसी मौखिक आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे. उनका कहना है कि भर्ती रद्द करने से पहले सरकार को इसका लिखित आदेश जारी करना चाहिए. इसके बाद वे इस आदेश को अदालत में चुनौती देंगे.
‘पूरी भर्ती रद्द करना गलत’
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी और मेरिट के आधार पर उनका चयन हुआ. इसके बाद उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया गया और वे पिछले कई महीनों से अलग-अलग सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं. उनका तर्क है कि अगर भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन पूरी भर्ती को रद्द करने से उन अभ्यर्थियों को भी नुकसान होगा, जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है.
‘लिखित आदेश दें सरकार, कोर्ट में देंगे जवाब’
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि भर्ती रद्द करने के फैसले का स्पष्ट और लिखित आदेश सार्वजनिक किया जाए. अभ्यर्थियों ने कहा कि इसके बाद वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे और अदालत में अपना पक्ष रखेंगे. अभ्यर्थियों का कहना है कि आंदोलन के दबाव में लिया गया कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा. वे अपने नियुक्ति और रोजगार के अधिकार को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं.
बारिश के बीच भी जारी रहा प्रदर्शन
JSSC CGL रद्द किए जाने की घोषणा के बाद सोमवार रात से ही चयनित अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिल रही है. मंगलवार को राजधानी में तेज बारिश के बावजूद अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन और सचिवालय के बाहर जुटे रहे. अब इस मामले में सरकार के लिखित आदेश का इंतजार है. वहीं, चयनित अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि अगर भर्ती रद्द करने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.
