JHARKHAND : राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल RIMS के विश्राम गृह में मरीजों के परिजनों से तय शुल्क से कई गुना ज्यादा वसूली का मामला सामने आया है.
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आरोप है कि विश्राम गृह में रहने के लिए निर्धारित ₹25 प्रतिदिन की जगह ₹240 तक वसूले जा रहे हैं. साथ ही ठहरने के लिए कैंटीन से भोजन लेना भी अनिवार्य बताया जा रहा है.
परिजनों ने बताया कि एक कर्मचारी ने कहा 24 घंटे रहने के लिए ₹240 देने होंगे. इसमें ₹100 रहने का शुल्क और बाकी ₹140 दो समय के भोजन के हैं.
वहीं अगर कोई सिर्फ ₹25 देकर रहना चाहे तो उसे अनुमति नहीं दी जा रही.शिकायत में कहा गया है कि कैंटीन में भी सामान्य से ज्यादा दाम लिए जा रहे हैं.
₹10 की चाय ₹30 में और ₹40 की मैगी ₹80 में बेची जा रही है. मरीजों के परिजनों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग मजबूरी में ज्यादा पैसे दे रहे हैं.
RIMS के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. शिशिर कुमार ने कहा कि नियम के अनुसार पहले 7 दिनों तक ₹25 प्रतिदिन शुल्क है. उसके बाद ₹100 प्रतिदिन लिया जाता है.
अगर पहले 7 दिन में ₹100 या उससे ज्यादा वसूला गया है तो ये नियम के खिलाफ है.उन्होंने कहा मामले की जांच कराई जाएगी. यदि अनियमितता या मनमानी वसूली पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी.
फिलहाल इस मामले ने RIMS में मरीजों और परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं और निजी स्तर पर हो रही कथित वसूली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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