Nakib Ziya
RANCHI : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा. साहू ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य के खजाने को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है. रोज नए-नए घोटाले उजागर हो रहे हैं. ट्रेज़री घोटाले ने तो लालू राज में हुए पशुपालन घोटाले को भी मात दे दिया है. आज स्थिति है कि एक छोटे कर्मचारी से लेकर राज्यपाल तक के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है.
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खनिजों का राजस्व पदाधिकारियों के ऐश मौज पर खर्च
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य का खजाना लूट रही दूसरी ओर जनता पर बिजली बिल का बोझ लादकर आम आदमी को भी लूट रही है. ऐसे में हेमंत सरकार लूट और झूठ की सरकार ही साबित हुई है. कहा कि 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात पूरी तरह छलावा और धोखा ही है. लोक कल्याण हेतु अपने वादों को धरातल पर लागू करने केलिए हेमंत सरकार ने आय का कोई स्रोत विकसित नहीं किया. खान खनिज की रॉयल्टी, डीएमएफटी जैसे फंड भी राज्य सरकार ने अपनी सुख सुविधा, पदाधिकारियों के ऐश मौज पर खर्च कर दिए. सरकार की नीयत साफ रहती तो इन फंडों के माध्यम से जनता को बड़ी राहत मिल सकती थी.
किस आधार पर जनता पर अतिरिक्त बोझ
कहा कि राज्य सरकार को 100 करोड़ की लागत से शीश महल बनाने की चिंता है लेकिन राज्य के आम आदमी को बिजली बिल में राहत की बात पसंद नहीं. कहा कि भले राज्य में अपराध सिर चढ़कर बोल रहा हो, लेकिन करोड़ो की गाड़ियां खरीद कर ध्वस्त विधि व्यवस्था को चिढ़ाया जा रहा है. कहा कि राज्य सरकार न तो किसानों को 3200 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदा, न 450 रुपए में गैस सिलेंडर दिया, न युवाओं को कोई रोजगार दिया और न ही बेरोजगारी भत्ता दिया. फिर जनता को आखिर अतिरिक्त आय की कौन सी व्यवस्था हुई कि उनपर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ लाद दिया गया.
सरकार को जनता के दुख दर्द से कुछ लेना-देना नहीं
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की मंशा पर विद्युत नियामक आयोग ने भी विरोध जताया है. इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, आम उपभोक्ताओं पर नियम विरुद्ध बोझ लादकर अपनी नाकामियों को छुपाना चाहती है. कहा कि आज बिजली आम आदमी के जीवन को रोज मर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है. लेकिन सरकार को जनता के दुख दर्द से कुछ भी लेना-देना नहीं है. महीनों तक जले ट्रांसफार्मर बदले नहीं जा रहे, राजधानी में जब बिजली आपूर्ति ठीक नहीं तो फिर गांव देहात छोटे कस्बों की हालत क्या होगी यह किसी से छुपी नहीं है. अनेक उपभोक्ताओं को एक साथ दो लाख ढाई लाख तक के बिल बिजली विभाग द्वारा भेज दिए जा रहे और उपभोक्ता सुधार केलिए काम धंधा छोड़ ऑफिस-ऑफिस का चक्कर लगाने को मजबूर है.
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आंदोलन होगा तेज
सांसद ने कहा कि कई उपभोक्ताओं से इस संबंध में शिकायत मिलने पर बिल में सुधार केलिए उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात भी की, इतना ही नहीं स्मार्ट मीटर आम आदमी को और परेशान कर रहा. अचानक जनता को एक साल के बिल भेज दिया जा रहा है और भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काट दिया जा रहा है. जनता आज इस व्यवस्था से त्राहिमाम कर रही है. साहू ने कहा कि भाजपा जनभावनाओं के अनुरूप राज्य सरकार से बढ़े हुए बिजली दर को वापस लेने की मांग करती है. सरकार बढे हुए दर को अविलंब वापस ले, नहीं तो पार्टी आगे इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ आन्दोलन को और तेज करेगी.
