Vijay Thakur
GODDA : राजाभीठा थाना क्षेत्र के कुशबिल्ला गांव से एक चिंताजनक और झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आ रही है. यहां दिन के उजाले में ही जंगलों की लकड़ियों का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है, और हैरानी की बात यह है कि इस काले खेल में नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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पेंसिल वाले हाथ की उम्र में कुल्हाड़ी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में गोपाल यादव नामक व्यक्ति पर आरोप है कि वह छोटे-छोटे बच्चों से जुगाड़ गाड़ी चलवाकर जंगल से लकड़ी ढुलवाने का काम करवा रहा है. जिन बच्चों के हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, वे आज जोखिम भरे काम में धकेले जा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध धंधा कोई नई बात नहीं है, बल्कि वर्षों से चलता आ रहा है. कई लोगों का यह भी आरोप है कि जंगल की निगरानी से जुड़े जिम्मेदार लोग भी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे इस कारोबार को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है.
किसके संरक्षण में चल रहा ये धंधा
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह काला कारोबार दिनदहाड़े फल-फूल रहा है. जब रात के अंधेरे की जरूरत भी नहीं पड़ रही, तो साफ है कि कानून का खौफ कहीं नजर नहीं आ रहा. जंगल से निकलती हर गाड़ी और कटते हर पेड़ के साथ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है. अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर मासूम बच्चे यूं ही इस अवैध खेल का हिस्सा बनते रहेंगे.
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