BOKARO : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बैठक के दौरान जिला समन्वय समिति की बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को उपायुक्त द्वारा दिया गया. साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए गए निकासी एवं व्यय का प्रतिवेदन 12 मार्च तक जिला कार्यालय में समर्पित करने को भी संबंधित विभागों को दिया.
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मनरेगा योजनाओं की समीक्षा
मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें बंद कर उसकी रिपोर्ट संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) द्वारा जिला को उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए.
लंबित एटीआर अपलोड करने को कहा
बैठक में विभिन्न योजनाओं के लगभग 3500 सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) के शेष एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित एटीआर को अविलंब पोर्टल पर अपलोड किया जाए ताकि पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके.

मंईयां सम्मान योजना एवं पेंशन योजनाओं की प्रगति
झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत 6,788 लाभुकों के आधार सीडिंग कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि पात्र लाभुकों को सम्मान राशि का भुगतान समय पर किया जा सके. इसके अलावा केंद्र प्रायोजित पेंशन योजनाओं के लाभुकों का डीएलसी अद्यतन करने का निर्देश अंचलाधिकारियों को दिया गया.
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सखी मंडल को मुद्रा ऋण उपलब्ध कराने पर जोर
बैठक में सखी मंडल के सदस्यों को मुद्रा ऋण उपलब्ध कराने की प्रगति की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने बैंकों को इस दिशा में तत्परता दिखाने का निर्देश देते हुए लंबित 2756 आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर बल दिया. साथ ही एलडीएम को इस प्रक्रिया में समन्वय एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
गोट बैंक, आपदा मुआवजा व धान अधिप्राप्ति की समीक्षा
बैठक में गोट बैंक योजना, आपदा मुआवजा, धान अधिप्राप्ति तथा आंगनबाड़ी भवन निर्माण एवं शौचालय निर्माण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने इन सभी योजनाओं के कार्यों को गति देने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, आपदा मुआवजा से संबंधित दस्तावेज अंचल से जिला स्पष्ट दस्तावेज भेजने का निर्देश अंचलाधिकारियों को दिया.
15वें वित्त आयोग के फंड के उपयोग पर बल
बैठक में उपस्थित उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्रीमती शताब्दी मजूमदार सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत टाइड एवं अनटाइड फंड के व्यय को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने खराब प्रदर्शन वाले प्रखंडों की जानकारी देते हुए प्रखंड स्तर पर अविलंब समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा कार्यों में सुधार लाने को कहा.

दाखिल-खारिज मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
उपायुक्त ने अंचलाधिकारियों को लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन को रद्द किया जाता है तो उसका स्पष्ट कारण दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और आवेदकों को सही जानकारी मिल सके.
बैठक में अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खालखो, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. सफीक आलम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुचिता किरण, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, डीडीएमओ शक्ति कुमार, नोडल पदाधिकारी पंकज दुबे समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
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