संसद में आज से तीन दिनों का विशेष अधिवेशन शुरू हो रहा है, जो 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा.इस सत्र में सरकार की नजर बड़े संवैधानिक बदलाव पर है.खास तौर पर महिलाओं से जुड़े कानून और सीटों के पुनर्गठन को लेकर अहम चर्चा होने वाली है.
सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 लाने की तैयारी में है. इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की योजना है. साथ ही, 2026 से पहले की जनगणना के आधार पर नए सिरे से परिसीमन का रास्ता भी खोला जा सकता है.हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी माहौल पहले से ही गरम है. विपक्ष का कहना है कि नई परिसीमन प्रक्रिया से देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों की हिस्सेदारी घट सकती है, जबकि उत्तरी राज्यों को इसका लाभ मिलेगा.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरी कवायद को लोकतांत्रिक संतुलन के लिए खतरा बताया है. उनका आरोप है कि यह कदम राजनीतिक फायदे के लिए उठाया जा रहा है.वहीं, सरकार की ओर से निर्मला सीतारामन ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन आयोग सभी राजनीतिक दलों से बातचीत करेगा और उनकी राय को ध्यान में रखेगा.
दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है.वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को जल्द लागू करने की मांग कर रहा है, लेकिन परिसीमन को लेकर उसकी चिंता बरकरार है.ऐसे में यह विशेष सत्र सिर्फ कानून पारित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव का मंच भी बन सकता है.
संसद का विशेष सत्र आज से शुरू, परिसीमन पर गरमाई सियासत
Political Editor & Ground Journalist - He Does the work of writing the ground reports for this website. He is in the profession of journalism since last 4 years. Till now he has worked in organization like The Followup, The Fourth Pillar, TNP News, Bhaskar . He has obtained BJMC from MANNU Hyderabad
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