RANCHI : राजधानी रांची में फुटबॉल टूर्नामेंट के साथ हौजी (जुआ) के नाम पर लाखों रुपये के पुरस्कारों की घोषणा ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए दो पोस्टरों में एक तरफ फुटबॉल प्रतियोगिता का कार्यक्रम है, तो दूसरी तरफ हौजी के लिए प्रवेश शुल्क और बड़ी रकम के पुरस्कारों का विवरण दिया गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या फुटबॉल टूर्नामेंट के साथ हौजी के जरिए पैसे लगाने वाला खेल भी आयोजित किया जा रहा है?

1 नवंबर को होगा फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल
सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्टर के मुताबिक, ‘Julius Ba Football Memorial Tournament 2026’ का आयोजन 27 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक किया जा रहा है. पोस्टर में आयोजन स्थल के रूप में सचिदानंद फुटबॉल ग्राउंड, कुसई, डोरंडा, रांची का उल्लेख है.
पोस्टर के अनुसार, टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 1 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजे निर्धारित है. प्रतियोगिता में अलग-अलग टीमों के बीच मुकाबले और सेमीफाइनल मैचों का कार्यक्रम भी दिया गया है.

फुटबॉल टूर्नामेंट के साथ हौजी का पोस्टर भी वायरल
इसी आयोजन स्थल से जुड़े एक अन्य पोस्टर में ‘सद्भावना हौजी धमाका सह फुटबॉल प्रतियोगिता’ का प्रचार किया गया है. इस पोस्टर में आयोजन की तारीख 31 अक्टूबर 2026, शनिवार और समय शाम 5 बजे से बताया गया है. स्थान के रूप में सचिदानंद स्कूल मैदान, कुसई का उल्लेख है.
इस पोस्टर में प्रवेश शुल्क 1,100 रुपये निर्धारित होने की बात लिखी गई है. साथ ही हाउसफुल, लाइन, क्विक-7, क्विक-11, लकी-3, कॉर्नर, 5 स्टार और बैम्बू जैसी श्रेणियों के तहत नकद पुरस्कारों का विवरण दिया गया है.
पोस्टर में लाखों रुपये के पुरस्कार का दावा
हौजी के पोस्टर में पुरस्कार राशि का विवरण इस प्रकार है :
- प्रथम हाउसफुल : 2 लाख रुपये
- द्वितीय हाउसफुल : 1 लाख रुपये
- तृतीय हाउसफुल : 40 हजार रुपये
- प्रथम लाइन : 30 हजार रुपये
- द्वितीय लाइन : 30 हजार रुपये
- तृतीय लाइन : 30 हजार रुपये
- क्विक-7 : 15 हजार रुपये
- क्विक-11 : 15 हजार रुपये
- लकी-3 : 15 हजार रुपये
- कॉर्नर : 15 हजार रुपये
- 5 स्टार : 20 हजार रुपये
- बैम्बू : 16 हजार रुपये
ये सभी पुरस्कार पोस्टर में किए गए दावे हैं. इनकी शर्तों, भुगतान की व्यवस्था और कुल पुरस्कार राशि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. सोशल मीडिया पर लगभग 20 लाख रुपये के आयोजन की चर्चा भी की जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए आयोजकों की ओर से आधिकारिक जानकारी जरूरी है.
जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल
सोशल मीडिया पर आयोजन के पोस्टर प्रसारित होने के बाद यह जानना महत्वपूर्ण है कि संबंधित प्रशासन को इसकी जानकारी है या नहीं. यदि फुटबॉल प्रतियोगिता के साथ हौजी के नाम पर पैसे लगाने की व्यवस्था की जा रही है, तो उसकी वैधता की जांच होनी चाहिए.
जिला प्रशासन और पुलिस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं और हौजी से जुड़ी गतिविधियां किस प्रकार संचालित होंगी. यदि जांच में किसी कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई का सवाल उठता है.
