RANCHI : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा पास कर अफसर बने अभ्यर्थियों की कलई अब सीआईडी जांच में खुलती नजर आ रही है. लाखों रुपये की नौकरी और कुर्सी पाने वाले इन नवनियुक्त अफसरों से जब सीआईडी ने सामान्य ज्ञान के बुनियादी सवाल पूछे, तो उनके जवाब सुनकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए. कई अफसर स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के बीच का बुनियादी अंतर तक नहीं बता सके.
जब बंटी थीं मिठाइयां और मिला था ‘ज्ञान’
साल 2024 में परीक्षा परिणाम आने के बाद सफल अभ्यर्थियों के घरों और कोचिंग संस्थानों में हफ्तों तक जश्न चला. दूसरी ओर, धांधली और पेपर लीक का आरोप लगाकर असली मेहनत करने वाले छात्र सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे. उस समय खुद को मेधावी बताने वाले कई नवनियुक्त अभ्यर्थी आंदोलनकारी छात्रों पर तंज कस रहे थे कि परीक्षा पास करने के लिए आंदोलन नहीं, बल्कि लाइब्रेरी में पढ़ाई करनी पड़ती है.
सीआईडी का समन और ‘अकल का टेस्ट’
मामले की जांच जब सीआईडी को सौंपी गई, तो आर्थिक लेन-देन और धांधली के इनपुट के आधार पर 300 से अधिक नवनियुक्त अफसरों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया गया. पूछताछ के दौरान सभी ने खुद को निर्दोष बताते हुए किसी भी पैसे के लेन-देन से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद सीआईडी के अधिकारियों ने इनकी योग्यता जांचने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया. सभी को एक सादा कागज और पेन देकर सामने कुछ बुनियादी सवालों के लिखित जवाब देने को कहा गया. सवालों में एक बेहद प्राथमिक स्तर का सवाल शामिल था की स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में क्या अंतर है?
पांचवीं के सवाल पर छूटे पसीने, बहाने सुनकर चकराया सिर
सीआईडी अधिकारी उस वक्त दंग रह गए जब पूछताछ में शामिल करीब 70 प्रतिशत अभ्यर्थी इस सामान्य सवाल का सही जवाब नहीं दे सके. सामान्य स्नातक स्तर के अन्य बुनियादी सवालों पर भी कई अभ्यर्थी कलम नहीं चला पाए. हद तो तब हो गई जब एक अभ्यर्थी ने सफाई देते हुए कहा कि उसने 15 साल पहले ग्रेजुएशन किया था, इसलिए अब उसे यह याद नहीं रहा. अधिकारियों के मुताबिक, यह स्थिति स्पष्ट करती है कि परीक्षा में किस स्तर पर अनियमितता बरती गई थी.
39 लोग भेजे जा चुके हैं जेल
सीआईडी ने लेन-देन के पुख्ता डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अब तक करीब 39 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में अभय कुमार तिवारी, सुषम कुमारी, अक्षय तिवारी, दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, कुंदन कुमार, संजय कुमार समेत कई अन्य नाम शामिल हैं. मेहनत और लगन से वर्षों तक तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट पर सीआईडी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. जांच एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
