RANCHI : झारखंड में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और तय अवधि से अधिक समय तक भारत में रहने वाले विदेशियों की पहचान को लेकर सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है . केंद्र सरकार के निर्देश के बाद झारखंड पुलिस ऐसे विदेशी नागरिकों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने में जुट गई है.

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इस प्रक्रिया के तहत विदेशी नागरिकों की पहचान, वैध दस्तावेज, जनसांख्यिकीय जानकारी और बायोमेट्रिक डाटा दर्ज किया जाएगा. इसके लिए जिला पुलिस को आवश्यक तकनीकी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं.
दस्तावेजों और वीजा की होगी जांच
पुलिस के स्तर पर यह सत्यापित किया जाएगा कि राज्य में रह रहा विदेशी नागरिक वैध दस्तावेजों के साथ रह रहा है या नहीं. साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि किसी व्यक्ति का वीजा या भारत में रहने की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है या वह बिना जरूरी दस्तावेजों के रह रहा है.
निर्देशों के अनुसार, किसी विदेशी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसकी जानकारी फॉरेन आइडेंटिटी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी. इससे संबंधित व्यक्ति की पहचान और रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संरक्षित करने में मदद मिलेगी.
निर्वासन तक होल्डिंग कैंप की व्यवस्था पर जोर
अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के मामले में निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें रखने के लिए राज्य में होल्डिंग कैंप की व्यवस्था पर भी काम किया जा सकता है. हालांकि, किसी व्यक्ति को अवैध विदेशी घोषित करने से पहले उसकी नागरिकता, पहचान और दस्तावेजों की आधिकारिक जांच आवश्यक होगी.
संताल परगना के कई जिले चर्चा में
विदेशी नागरिकों की मौजूदगी और उनकी पहचान से जुड़े मामलों को लेकर संताल परगना के साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, दुमका, जामताड़ा और देवघर जैसे जिले पहले से चर्चा में रहे हैं. ऐसे में इन क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और उनकी कानूनी स्थिति की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है.
विदेशी छात्रों और मरीजों का भी रखा जाएगा रिकॉर्ड
इसके अलावा झारखंड में पढ़ाई के लिए आने वाले विदेशी छात्रों तथा इलाज के लिए राज्य में पहुंचने वाले विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से रखने और उसकी निगरानी करने की तैयारी है. इससे राज्य में मौजूद विदेशी नागरिकों की जानकारी एक केंद्रीकृत और व्यवस्थित रिकॉर्ड के रूप में उपलब्ध हो सकेगी.
कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद होगी कार्रवाई
सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी नागरिकों से संबंधित डेटा को व्यवस्थित करना और उनकी कानूनी स्थिति को स्पष्ट करना है. आधिकारिक जांच में किसी विदेशी नागरिक के दस्तावेज वैध पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, जबकि वीजा अवधि समाप्त होने या आवश्यक दस्तावेज नहीं होने की स्थिति में लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पुलिस स्तर पर रिकॉर्ड तैयार करने और आवश्यक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है . इससे राज्य में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनकी कानूनी स्थिति से संबंधित जानकारी एक जगह उपलब्ध हो सकेगी.
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