JHARKHAND : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के SIR के दौरान कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए.
उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित समय-सीमा की जानकारी प्रत्येक घर तक पहुंचाई जाए.
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मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि सभी बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) का नियमित प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए और इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएं.
हेमंत सोरेन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों, आदिवासी समुदायों और राज्य से बाहर रह रहे झारखंडियों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि हर पात्र मतदाता तक आवश्यक सूचना और सहायता पहुंचे.
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि BLO नागरिकों के साथ विनम्र, सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार करें.
साथ ही प्रत्येक पात्र मतदाता को गणना प्रपत्र भरने और दस्तावेजों से संबंधित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए.
दरअसल, एक्स पर एक संस्थान ने दावा किया था कि झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में कई बूथों पर लगभग 30 प्रतिशत मतदाताओं के नाम SIR की लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी सूची में दिख रहे हैं.
साथ ही कई मतदाताओं के पूर्वजों के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं होने की बात भी कही गई थी.
इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स के माध्यम से उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.
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