DELHI : पेपर लीक, NTA को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल को अब झारखंड के छात्रों का भी समर्थन मिला है.
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ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन AISA झारखंड के सदस्यों ने जंतर-मंतर पहुंचकर नारेबाजी करते हुए एकजुटता दिखाई.
उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक, AISA की केंद्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा और मनीष समेत अन्य आंदोलनकारियों से मुलाकात की.
AISA नेताओं ने कहा कि देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ यह आंदोलन पूरे छात्र समुदाय की आवाज है. इसे व्यापक समर्थन मिलना चाहिए.
झारखंड के नेताओं ने राज्य सरकार की क्लस्टर सिस्टम योजना का भी जोरदार विरोध किया. उन्होंने कहा कि इस सिस्टम से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कमजोर होगी, शिक्षकों-कर्मचारियों के पदों में कटौती होगी.
AISA की मांग है कि इस छात्र-विरोधी व्यवस्था को तुरंत वापस लिया जाए. शिक्षा से जुड़े फैसले छात्र-शिक्षक समुदाय से बातचीत के बाद ही लिए जाएं.

AISA ने केंद्र से मांग की कि परीक्षा में पारदर्शिता के लिए NTA को भंग किया जाए. पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो.
साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें.
इस दौरान AISA झारखंड के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड विभा पुष्पा दीप, राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, गुड्डू भुइयां, विजय, स्नेहा महतो, संजना मेहता, मो. समी और रितेश मिश्रा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
नेताओं ने कहा कि छात्रों के अधिकार और सार्वजनिक शिक्षा की रक्षा के लिए AISA का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.
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