RANCHI : धनबाद के बाघमारा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में एक नवजात बच्ची की मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी थी और समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से बच्ची की जान चली गई. जानकारी के अनुसार, अस्पताल में डिलीवरी के बाद नवजात को सांस लेने में परेशानी हो रही थी. बच्ची की हालत बिगड़ता देख डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया. परिजनों का आरोप है कि उस दौरान अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं था. साथ ही सरकारी एंबुलेंस की मांग करने के बावजूद उन्हें एंबुलेंस नहीं मिला.

डिलीवरी के बाद सांस लेने में हो रही थी दिक्कत. दूसरे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित किया
परिजनों ने बताया कि मजबूरी में नवजात को टोटो से दूसरे अस्पताल ले जाया गया. हालांकि जब तक बच्ची को दूसरे अस्पताल पहुंचाया गया, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद गुस्साए परिजनों ने नवजात का शव अस्पताल परिसर में रखकर हंगामा शुरू कर दिया और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. घटना की सूचना मिलने पर बाघमारा पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराया. पुलिस ने परिजनों को लिखित शिकायत देने पर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया.
इसे भी पढ़े : झारखंड के 80 हजार से अधिक शिक्षकों का वेतन अटका, JPSS ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. श्रीनाथ ने कहा कि नवजात की मौत की सूचना मिलने के बाद वह अस्पताल पहुंचे. उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ऑक्सीजन उपलब्ध था. नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच शुरू कर दी गई है. इधर, पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और बिना पोस्टमार्टम कराए नवजात का शव लेकर अस्पताल से चले गए.
