Arafat
PAKUR : राज्य में एक अप्रैल से राज्य सरकार द्वारा बिजली दर बढ़ाने के विरोध में में शुक्रवार को बिजली कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी ने धरना प्रदर्शन किया. धरना प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सरीता मुर्मू ने किया. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जनता को 200 यूनिट बिजली फ्री देने के नाम पर छलावा कर रही है, जिससे राज्य की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है.
इसे भी पढ़ें : छात्रों को बड़ी राहत: पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में आवेदन सुधार की तिथि बढ़ी
बिजली दर में भारी वृद्धि कर जनता को लूटने का काम किया जा रहा है. इतना ही नहीं गर्मी पड़ते ही बिजली की आंख मिचौली भी शुरू हो गई है. शहर से लेकर गांव तक खराब पड़े बिजली ट्रांसफार्मर को सालों तक बदला नहीं जाता है. दूसरी तरफ स्मार्ट मीटर लगाकर जनता को परेशान किया जा रहा है.
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में प्रति यूनिट 50 पैसे और शहरी घरेलू, उपभोक्ताओं के लिए 55 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि से आम उपभोक्ताओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है. उद्योग धंधा और कृषि कार्य भी बिजली दर में वृद्धि से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. किसानों की कमर टूट गई है.
यह विरोध प्रदर्शन राज्य सरकार को त्राहिमाम संदेश भी है और चेतावनी भी. अगर राज्य सरकार इस जन विरोधी फैसले को वापस नहीं लेती है तो भाजपा इस आंदोलन को और व्यापक करेगी. ऐसे हालात में आंदोलन के लिए पूरी तरह से राज्य सरकार जिम्मेवार होगी. मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत पांडे, अनुग्राहित साहा, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष बाबूधन मुर्मू, दुर्गा मरांडी, धर्मेंद्र त्रिवेदी, पंकज साहा के अलावा अन्य मौजूद थे.
इसे भी पढ़ें : उत्पाद सिपाही पेपर लीक केस: 28 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने मांगी केस डायरी
