RANCHI : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की उपराजधानी दुमका के आदिवासी इलाके में शुद्ध पेयजल संकट को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है. बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए इलाके में चापाकल और जलमीनार की जल्द मरम्मती की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पेट्रोल डीजल पर राजनीति करने के बजाय राज्य की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने के लिए कहा है.
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डोभा, जोरिया और झरनों से गंदा पानी लाने को विवश
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि हेमंत सोरेन ने रसोई गैस पर स्थिति को भड़काने की कोशिश की लेकिन उनके अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया. आगे उन्होंने दुमका के गोपीकांदर प्रखंड अंतर्गत खड़ीबाड़ी गांव के पहाड़िया टोला में रहने वाले आदिवासी परिवारों द्वारा पीने के लिए डोभा, जोरिया और झरनों से गंदा पानी लाने की विवशता को रेखांकित करते हुए कहा कि साफ पानी के अभाव में अक्सर ग्रामीण बीमार पड़ रहे हैं और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. गांव में लगे चापाकल और जल मीनार बरसों से खराब पड़े हैं कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

जलमीनार की मरम्मती तक हो टैंकर से आपूर्ति
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व दुमका डीसी को टैग करते हुए मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए चापाकल और जलमीनार की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने का आग्रह किया. साथ ही जब तक जलमीनार से पेयजलापूर्ति शुरू नहीं हो जाती है तब तक टैंकर के माध्यम से नियमित पेयजलापूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की है.
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