RANCHI : झारखंड हाईकोर्ट ने 21 साल पुराने चर्चित चौहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है. पलामू जिले के इस मामले में निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. यह मामला 3 दिसंबर 2004 का है, जब पांकी थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार लोगों—एक महिला और तीन मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस जघन्य अपराध के लिए संजय यादव और चमरू यादव को दोषी ठहराया गया था.
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करीब 16 साल तक चले ट्रायल के बाद साल 2020 में जिला अदालत ने इसे “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” मानते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी. लेकिन हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले की तस्वीर बदल गई. जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने पाया कि अभियोजन पक्ष के सबूत मजबूत नहीं थे. गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास और अतिशयोक्ति सामने आई, जिससे पूरा मामला संदिग्ध हो गया.
अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस जांच में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया और वैज्ञानिक साक्ष्यों की कमी रही. ऐसे में सिर्फ कमजोर और उलझे हुए बयानों के आधार पर किसी को फांसी देना न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है. आखिरकार, कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दे दिया.
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