RANCHI/DHANBAD : झोलाछाप डॉक्टर के जरिए कथित तौर पर गर्भपात कराने के दौरान 24 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है. घटना धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र के श्यामडीह स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर की बताई जा रही है. मृतका की पहचान बोकारो जिले के बेरमो स्थित चलकरी निवासी किरण देवी के रूप में हुई है. इस मामले में पुलिस ने सेंटर के संचालक पवन केवट और मृतका के पति सोनू केवट को गिरफ्तार किया है.
किरण देवी की बुधवार रात मौत हो गई. उनके पीछे एक मासूम बेटी छूट गई है. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन इस मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, किरण देवी का मायका धनबाद जिले के तोपचांची थाना क्षेत्र के कोरकोटा में है, जबकि उसका ससुराल बोकारो जिले के बेरमो स्थित चलकरी में है. आरोप है कि किरण के पति सोनू केवट ने एक अल्ट्रासाउंड केंद्र में गर्भस्थ शिशु की जांच कराई थी. परिजनों के मुताबिक, जांच के दौरान गर्भ में लड़की होने की जानकारी दी गई थी. इसके बाद कतरास के श्यामडीह स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर में कथित तौर पर गर्भपात कराया गया. आरोप है कि गर्भपात की प्रक्रिया के दौरान किरण की तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में नजदीकी संजीवनी अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारण और गर्भपात की प्रक्रिया में सेंटर की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
सेंटर संचालक और पति गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलने के बाद बाघमारा एसडीपीओ अजीत विमल मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सेंटर संचालक पवन केवट और मृतका के पति सोनू केवट को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस इस मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) से जांच कराएगी. साथ ही मेडिकल टीम भी मामले की जांच करेगी. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
न्याय और मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
किरण की मौत के बाद परिजन शव के साथ मौके पर डटे हुए हैं. परिवार उचित मुआवजे और न्याय की मांग कर रहा है. एक तरफ 24 साल की किरण की मौत से परिवार में मातम है, तो दूसरी तरफ उनकी मासूम बेटी मां के बिना रह गई है.
गर्भपात की प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने कथित अवैध गर्भपात, मेडिकल नियमों के पालन और संबंधित सेंटर की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि जांच में भ्रूण के लिंग की जांच कराने और उसके आधार पर गर्भपात कराने के आरोप साबित होते हैं, तो यह कानून के तहत गंभीर मामला हो सकता है. फिलहाल, पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है. अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और किरण की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है.
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