RANCHI / KHUNTI : झारखंड के खूंटी जिले में आरसी संत मिखाइल मध्य विद्यालय के प्राचार्य और संत मिखाइल महागिरजाघर के फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले के बाद लोगों में भारी आक्रोश है. स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले फादर बारला को प्राथमिक उपचार के बाद रांची के पल्स अस्पताल रेफर किया गया. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
घटना की जानकारी सामने आने के बाद ईसाई समुदाय, आदिवासी-मूलवासी समन्वय समिति और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने खूंटी में सड़क जाम कर दिया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ. इस घटना ने खूंटी में सुरक्षा व्यवस्था और हमले के पीछे की वजह को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.
स्कूल परिसर में देर रात हुआ हमला
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि घटना मंगलवार रात करीब नौ बजे की है. उस समय फादर बेनेडिक्ट बारला परिसर का निरीक्षण करने के लिए निकले थे. आशंका है कि इसी दौरान पहले से घात लगाए दो से तीन अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया.

घटनास्थल पर स्कूल कार्यालय का सामान बिखरा हुआ मिला. वहां खून के निशान मिटाने की कोशिश किए जाने के संकेत भी मिले हैं. हालांकि, हमले के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों की पहचान की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
कौन हैं फादर बेनेडिक्ट बारला?
फादर बेनेडिक्ट बारला खूंटी के आरसी संत मिखाइल मध्य विद्यालय के प्राचार्य हैं. इसके साथ ही वे संत मिखाइल महागिरजाघर में फादर यानी पुजारी के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं. खूंटी के ईसाई समुदाय में उनका सम्मानित स्थान बताया जाता है. आसपास के इलाकों में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े होने के कारण भी उनकी पहचान है.

उन पर स्कूल परिसर में हुए हमले की खबर फैलते ही समुदाय के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई. लोगों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी की मांग की. फिलहाल फादर बारला का रांची के पल्स अस्पताल में इलाज चल रहा है. उनकी स्थिति को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है.
साढ़े छह घंटे तक बंद रहा खूंटी शहर
फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले के विरोध में खूंटी में व्यापक प्रदर्शन हुआ. बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने भगत सिंह चौक और बाजार टांड़ के पास सड़क जाम कर दिया, जिससे शहर में आवागमन प्रभावित हुआ. बताया गया कि सड़क जाम करीब साढ़े छह घंटे तक चला. इस दौरान लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.

स्थिति को देखते हुए उपायुक्त मोहम्मद जावेद हुसैन और पुलिस अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद जाम समाप्त किया गया.
नौ सूत्री मांगपत्र सौंपा, एसआईटी जांच पर जोर
प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को नौ सूत्री मांगपत्र सौंपकर मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने, फॉरेंसिक जांच कराने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की. सामाजिक प्रतिनिधि मार्शल बरला और अध्यक्ष चंद्र प्रभात मुंडा ने घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष और गंभीर जांच की जरूरत बताई. हालांकि, साजिश से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना की तह तक पहुंचने के लिए सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए हमले के बाद खूंटी में उठे विरोध ने मामले की गंभीरता को सामने ला दिया है. अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच, हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी पर टिकी हैं. फिलहाल हमले का कारण स्पष्ट नहीं है. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान कर घटना की पूरी कड़ी का खुलासा करना है. जांच के नतीजों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमला किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से किया गया था.

