RANCHI : राजधानी रांची और जमशेदपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने कार्रवाई करते हुए कथित ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से कोकीन, एमडीएमए और गांजा समेत अन्य सामान बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है.
जांच के मुताबिक, गिरोह का कथित सरगना रजत जैन थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर नेटवर्क संचालित करता था. आरोप है कि गिरोह रांची के होटलों, बार और निजी पार्टियों में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता था. एनसीबी अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और दूसरे शहरों में फैले इसके कथित कारोबार की जांच कर रही है.
रेलवे स्टेशन रोड से शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर को गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी की टीम ने रांची रेलवे स्टेशन रोड पर एक कार को रोककर तलाशी ली. इस दौरान रजत जैन और उदित कुमार को गिरफ्तार किया गया. उनके पास से 18 ग्राम कोकीन और 15 ग्राम एमडीएमए बरामद होने की बात कही गई है.

पूछताछ और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी ने आगे की कार्रवाई की. इसके बाद आकाश मल्होत्रा और बोड़ैया इलाके से स्नेहा पासवान को गिरफ्तार किया गया. वहीं, 15 अक्टूबर को जमशेदपुर के जुगसलाई इलाके से मिलन सिंह को पकड़ा गया. जांच एजेंसी के अनुसार, मिलन सिंह कथित तौर पर गिरोह के लिए मादक पदार्थों की आपूर्ति करता था.
थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के नंबरों का इस्तेमाल
जांच में विदेशी मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल का मामला भी सामने आया है. बताया गया है कि गिरोह का कथित सरगना थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के नंबरों के जरिए संपर्क बनाए रखता था. अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन नंबरों का इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने और तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने के लिए किया जाता था.
गिरोह के कथित संपर्क रांची और जमशेदपुर के अलावा दिल्ली, मुंबई तथा राजस्थान तक फैले होने की बात सामने आई है. हालांकि, इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और मादक पदार्थों की आपूर्ति के स्रोतों के बारे में जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है.
होटल और बार संचालकों को पूछताछ के लिए समन
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि गिरोह कथित तौर पर रांची के कुछ होटलों, बार और निजी पार्टियों में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता था. इसी सिलसिले में एनसीबी ने मोरहाबादी इलाके के कुछ होटल संचालकों को 26 अक्टूबर को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का समन जारी किया है.
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मादक पदार्थों की आपूर्ति किन आयोजनों में की जाती थी और इस कारोबार में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी. हालांकि, समन जारी होने का अर्थ किसी व्यक्ति की अपराध में संलिप्तता साबित होना नहीं है. इस मामले में संबंधित लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
कोकीन, एमडीएमए और गांजा समेत कई सामान जब्त
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एनसीबी ने कार्रवाई के दौरान मादक पदार्थों की 50 पुड़िया, पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, एक हुंडई एक्सेंट कार, चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड भी जब्त किए हैं. बरामद मादक पदार्थों में कोकीन, एमडीएमए और गांजा शामिल बताए गए हैं. जांच एजेंसी अब जब्त किए गए बैंक दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और मोबाइल नंबरों से जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर रही है. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि तस्करी से जुड़े पैसों का लेन-देन कैसे होता था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे नेटवर्क की तस्वीर
रांची और जमशेदपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा कथित तौर पर दूसरे शहरों और विदेशी संपर्कों तक पहुंच गया है. एनसीबी की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि मादक पदार्थों की आपूर्ति कहां से होती थी, नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी और विदेशी नंबरों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था. फिलहाल, गिरफ्तार पांच आरोपियों के खिलाफ मामले की जांच जारी है. जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही इस कथित ड्रग्स सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
