RANCHI : राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता एक बार फिर सवालों के घेरे में है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं.मरांडी ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है. हाल ही में आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा में सामने आई खामियों ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

उन्होंने बताया कि बोकारो और रांची के एक-एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंच पाए, जिसके कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी. यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ भी अन्याय है.
इसके अलावा प्रश्नपत्र में भी कई गंभीर त्रुटियां सामने आईं. अंग्रेजी विषय में एक ही पैसेज से एक ही प्रश्न दो बार पूछ लिया गया, जबकि एक अन्य प्रश्न में विकल्प ही गायब था. मरांडी ने कहा कि इस तरह की गलतियां दर्शाती हैं कि परीक्षा आयोजन को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.
बोकारो-रांची में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे, पेपर में भी गंभीर गड़बड़ियां; सीएम से कार्रवाई और चेयरमैन हटाने की मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि हर परीक्षा में नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जो राज्य के लिए बेहद चिंताजनक है.
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मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और जेपीएससी चेयरमैन को हटाने की मांग की. उन्होंने कहा कि बेईमान लोगों ने जेपीएससी को “लूट का अड्डा” बना दिया है, ऐसे में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर ही परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल किया जा सकता है.
