RANCHI : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शनिवार को झारखंड के खूंटी जिले के उलिहातू पहुंचे, जहां उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस मौके पर उन्होंने बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन किया. कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने उपस्थित बच्चों को टॉफियां बांटी और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी. इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मंत्री इरफान अंसारी भी मौजूद रहे.
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अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि उलिहातू की इस पावन भूमि पर आकर वे भावुक हो गए हैं. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष और बलिदान आज भी देश की नई पीढ़ी को प्रेरित करता है. उन्होंने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में पद की शपथ ली थी, उसी दिन वे उलिहातू भी पहुंचे थे.
जनजातीय गौरव दिवस पर उपराष्ट्रपति का बयान
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए अत्यंत विशेष और यादगार रहा. उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 नवंबर, बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला ऐतिहासिक कदम है. इससे देशभर में जनजातीय समाज की परंपरा, विरासत और सम्मान को नई पहचान मिली है.
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पीएम जनमन योजना पर भी किया जिक्र
उपराष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उन्हें खूंटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उपस्थित रहने का अवसर मिला था, जब ‘पीएम जनमन योजना’ की घोषणा की गई थी. उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है.
