Arafat
PAKUR : वर्तमान हालातों में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं, वहीं गैरकानूनी रूप से से गैस की कालाबाजारी भी की जा रही है. गैस की कालाबाजारी होने से लाभुकों को ठीक से गैस भी नहीं मिल पा रहा है.
इसे भी पढ़ें : अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना: जन्म के साथ मिलेगा हेल्थ कार्ड, 5 से 10 लाख तक कैशलेस इलाज की तैयारी
मामला सदर प्रखंड के सीतापहाड़ी पंचायत का है. ग्रामीणों ने मामले की जानकारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को दिया है. आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. दिए गए आवेदन के अनुसार गांव में एक बाहरी व्यक्ति नुरमोहम्मद शेख अवैध तरीके से रसोई गैस का धंधा कर रहा है. विभिन्न गांवों के लगभग दो हजार लाभुकों का पासबुक अपने पास रखा है.
वह घर-घर जाकर अपने सीएसपी के द्वारा बायोमैट्रिक से सब्सिडी का अवैध निकासी करता है. गांव के भोले-भाले लोगों को डरा धमकाकर पैसा निकासी करता है. ग्रामीण बाबलू शेख, सैयदुल शेख, गफ्फार शेख, मोबिन शेख, आसू शेख ने बताया कि पैसा नहीं देने पर गैस कनेक्शन काट देने या फिर दूसरे व्यक्ति को दे देने की धमकी दी जाती है.
गांव के बीचो बीच कथित 400 से 500 गैस भरा सिलेंडर रखने से लोगों में दुर्घटना होने का डर लगा रहता है. किसी तरह गैस सिलेंडर लीक होने या फिर ब्लास्ट होने से बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है. ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी जांच के लिए आवेदन दिया गया था, जांच होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.
ग्रामीणों ने गांव के अंदर अवैध तरीके से गैस सिलेंडर रखने वाले के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है. इधर अवैध तरीके से गैस सिलेंडर रखने की शिकायत मामले को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह से संपर्क किया गया, लेकिन संपर्क नहीं होने के कारण उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया है.
इसे भी पढ़ें : झारखंड में मौसम का मिजाज बदला, 8 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट, 9 अप्रैल को भी राहत नहीं, 10 अप्रैल से बढ़ेगा तापमान
