RANCHI : झारखंड में अधिसूचित हुए PESA एक्ट को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में तनातनी का माहौल चल रहा है. कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने वर्तमान सरकार द्वारा लागू किए गए PESA की नियमावली को मूल PESA का कोल्ड ब्लडेड मर्डर बताया था. जिसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने पलटवार किया था.
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अब झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने मोर्चा खोलते हुए भाजपा नेताओं द्वारा PESA पर उठाए किए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि झामुमो गठबंधन की सरकार PESA की जो नियमावली लेकर आई है उससे उन तमाम नेताओं की कथित काली कमाई रुक जाएगी जो महाजन प्रथा के साथ खड़े हैं, गांव के वनोपज को लूटने वाले समूह के साथ खड़े हैं, बालू-गिट्टी को लूटने वाले जो सुनियोजित माफिया तंत्र है उनका प्रतिनिधित्व करते हैं. यह PESA कानून इन लोगों के गैर कानूनी आर्थिक मेरुदंड को कमजोर करेगा. बस इसी बात की तकलीफ भाजपा और उसके द्वारा संपोषित लोगों को है. उन्होंने साफ तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में PESA पर क्या काम हुआ था?
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क्या कहा था अर्जुन मुंडा ने
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने रविवार को कहा था कि इस सरकार द्वारा अधिसूचित PESA नियमावली, मूल एक्ट में निहित जनजातीय चरित्र की हत्या करने वाली है. जनजातीय समाज का स्वशासन उनकी पारंपरिक रूढ़िवादी व्यवस्था का अंग है, जो आदिकाल से चला आ रहा है. लेकिन इस सरकार ने इस पर कुठाराघात कर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि PESA एक्ट 1996 में बना है, इस पर झारखंड सरकार ने नियमावली बनाने की कोशिश की है. सरकार ने जारी नियमावली में एक्ट के मूल आत्मा की एक तरह से “कोल्ड ब्लडेड मर्डर” करने की कोशिश की है.
