BOKARO : सरकार हर साल 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह मनाती है. यह कार्यक्रम इस लिए मनाया जाता है ताकि लोग यातायात के नियमों के प्रति जागरूक हों. सड़क दुर्घटना और उससे होने वाली मौतों में कमी आए. भारत में हर साल लगभग 5 लाख से अधिक सड़क दुर्घटना होती है. जिनमें करीब 2 लाख लोगों की असमय मौत हो जाती है. इन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण हैं- हाई स्पीड, नशे में वाहन चलाना, रोंग साइड में गाड़ी चलाना, गलत सड़क इंजीनियरिंग और सड़कों पर भारी वाहनों का खड़ा रहना.
अक्सर इन सड़क हादसों के शिकार ऐसे युवा होते हैं जिनकी उम्र 18 से 35 वर्ष की होती है. सड़क हादसों की गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा माह का आयोजन करती है.
दुर्घटना के कारक
बोकारो जिले में भी सड़क सुरक्षा माह चल रहा है. लेकिन यहां प्रशासनिक स्तर पर ही लापरवाही देखी जा रही है. दरअसल टांड़ बालीडीह स्थित टोल प्लाजा से उकरीद मोड़ तक NHAI की 4 लेन वाली सड़क 2 लेन वाली बन जाती है. टोल प्लाजा से उकरीद मोड़ तक की सड़क के किनारे-किनारे अक्सर भारी वाहन खड़े रहते हैं, जिसके कारण आने-जाने वाले वाहनों को सड़क के एक ही लेन का उपयोग करना पड़ता है. इसके अलावा इस रूट में अक्सर लोग रोंग साइड में वाहन दौड़ाते मिल जायेंगे. सबसे आश्चर्य वाली बात है कि व्यस्ततम रूट होने के बाद भी टांड़ बालीडीह स्थित टोल प्लाजा से उकरीद मोड़ तक स्ट्रीट लाइट तक की सुविधा नहीं है. जिस वजह से रात को इस रूट पर चलने वाले राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उपरोक्त सभी वजहें प्रशासनिक खामियों के कारण होने वाले सड़क दुर्घटना के कारक हैं.

शुक्रवार की रात बालीडीह थाना के पास दुर्घटना
सड़कों पर भारी वाहन के खड़े रहने और स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण शुक्रवार को बालीडीह थाना के पास एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई और दो युवक घायल हैं. शुक्रवार की रात करीब 11:30 बजे तीनों युवक अपना काम खत्म कर शिवपुरी कॉलोनी स्थित अपने घर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान बालीडीह थाना के समीप सड़क के किनारे खड़े भारी वाहन से उनकी भयानक टक्कर हो गई. जिसमें मौके पर ही एक युवक सन्नी कुमार की मौत हो गई. वहीं मुन्ना कुमार गंभीर रूप से घायल है जबकि बिट्टू कुमार को प्राथमिक इलाज के बाद छोड़ दिया गया है. पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. कुछ माह पहले भी बालीडीह मोड़ में सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण एक युवक की जान चली गई थी. अब फिर से सड़क किनारे खड़े भारी वाहन ने एक और युवक की जान ली और इस बार उन काल रूपी वाहनों का साथ दिया स्ट्रीट लाइट विहीन अंधेरी सड़कों ने.
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जिम्मेदार कौन?
आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? जिला प्रशासन का DTO विभाग या NHAI. वही NHAI जो सड़कों पर वाहन चलाने के लिए टैक्स तो लेती है लेकिन रात के अंधेरे से निजात पाने के लिए स्ट्रीट लाइट नहीं लगा सकती. जिला प्रशासन भी छोटे और मध्यम वाहन चालकों की गलतियों पर जुर्माना तो वसूल सकती है लेकिन सड़कों के किनारे खड़े भारी वाहनों को ठिकाने नहीं लगा सकती.
