RANCHI : सात जनवरी को खूंटी में सोमा मुडां हत्याकांड होने के बाद अब पुलिस इसे सुलझा लेने का दावा कर रही है. लेकिन मामला दरअसल और उलझता ही जा रहा है. पुलिस ने अभी तक इस मामले में करीब 13 लोगों की गिरफ्तारी की है. इन 13 लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि इनमें दो शूटर भी हैं, जिसने सोमा मुंडा पर गोली चलायी है. लेकिन, वहीं पुलिस की ही तरफ से जो इकबालिया बयान कोर्ट में जमा किया जा रहा है, वो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है.
आखिर अखिलेश गोप को पुलिस ने पकड़कर क्यों छोड़ा
सोमा मुंडा हत्याकांड के एक दिन बाद ही पुलिस ने ताबड़तोड़ गिरफ्तारी शुरू कर दी. सोमा मुंडा हत्याकांड बाद पुलिस ने खूंटी से छह लोगों को गिरफ्तार किया. उनमें से एक अखिलेश गोप भी शामिल था. लेकिन पुलिस ने थोड़ी देर पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया. जबकि उसी अखिलेश का चंदन यादव अपने इबालिया बयान में बार-बार नाम ले रहा है. वो भी एक बार नहीं बल्कि तीन पन्ने के इकबालिया बयान में चंदन यादव ने 25 बार से ज्यादा अखिलेश गोप का जिक्र किया है. संयज ने साफ तौर से कहा है कि अखिलेश गोप उसके पिता का दोस्त था. उसके पिता और अखिलेश की दोस्ती रांची के जेल में हुई थी. जेल से निकलने के बाद दोनों साथ में जमीन का काम भी करते थे. जमीन के काम के ही सिलसिले में चंदन यादव की दोस्ती अखिलेश से हुई. दोनों मिलकर खूंटी में साथ काम करने लगे.

चंदन यादव ने 25 हजार रुपए दिए अखिलेश गोप को
अपने इकबालिया बयान में चंदन यादव ने साफ तौर से कहा है कि हत्याकांड के दिन वो हटिया से खूंटी पहुंचा. जहां उसकी मुलाकात अखिलेश गोप से हुई. अखिलेश ने चंदन को 25 हजार रुपए लेकर आने को कहा था. मुलाकात के दौरन चंदन ने 25 हाजर रुपए अखिलेश गोप के हाथ में दिए. जिसके बाद वो रकम अखिलेश ने वहां मौजूद पल्सर बाइक पर सवार दो अंजान युवकों को दे दिए. फिर सभी खूंटी शहर में घूमे-फिरे और शाम को पार्टी करने के लिए एक होटल में बैठ गए. पार्टी के दौरान उसने सूचना मिली कि सोमा मुंडा की हत्या कर दी गयी है.
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पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
पूरी कहानी के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि जब चंदन यादव साफ तौर से कह रहा है कि उसने अखिलेश गोप को 25 हजार रुपए दिए और वो रकम अखिलेश ने दो अंजान युवकों को दिए तो पुलिस आखिर अखिलेश गोप पर मेहरबान क्यों है. क्यों खूंटी पुलिस ने अखिलेश को गिरफ्तार करने के बाद मामूली पूछताछ कर छोड़ देती है. क्यों नहीं पुलिस ने चंदन यादव के बयान के बाद अखिलेश पर नकेल कसा. आखिर किस दिशा में पुलिस मामले को लेकर जाना चाह रही है.
