PAKUR : पाकुड़ में सड़क हादसे के बाद हुए बवाल को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. युवक की मौत के बाद शहर में उत्पात मचाने के मामले में 63 नामजद और 500 से 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ नगर थाना में केस दर्ज किया गया है. यह मामला गुरुवार शाम को अंचल अधिकारी अरविंद कुमार बेदिया के आवेदन पर दर्ज किया गया.पुलिस के अनुसार 27 जनवरी की सुबह पाकुड़ शहर के गांधी चौक स्थित बड़ी मस्जिद के सामने एक स्कूटी चालक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. मृतक की पहचान मृदल घन्द्र के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. लेकिन वहां बड़ी संख्या में लोग पहले से जमा थे और स्थिति काफी तनावपूर्ण थी.
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भीड़ ने मृतक के शव को सड़क से हटाने नहीं दिया और पूरे इलाके में जाम लगा दिया. पुलिस और प्रशासन ने लोगों को समझाने की कोशिश की और सरकार की ओर से मिलने वाले लाभ की जानकारी भी दी. मृतक के परिजनों को भी समझाया गया. इसके बावजूद भीड़ नहीं मानी और जाम हटाने से इनकार कर दिया.इसी दौरान कुछ असामाजिक और उकसाने वाले तत्वों ने भीड़ को भड़काना शुरू कर दिया. देखते ही देखते करीब 500 से 600 लोगों की उग्र भीड़ जमा हो गई. लाठी डंडा और हरवे हथियार लेकर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी गई. मुख्य सड़क मार्गों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
इस दौरान मरीजों स्कूली बच्चों और आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ा. भीड़ ने आसपास के दो दुकानदारों को डराकर उनकी दुकानें जबरन बंद करवा दीं. शहर का सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया.उपद्रवियों ने शहर के अलग अलग इलाकों में तोड़फोड़ की. सड़क किनारे खड़े पिकअप वाहन संख्या एमएच 47 टीसी 117 को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. थाना परिसर और चौक चौराहों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई. नगर थाना गेट पर आगजनी की घटना भी सामने आई.यह उपद्रव नगर थाना उपायुक्त आवास चौक बस स्टैंड रोड और दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने मुख्य सड़क तक फैल गया. पूरे शहर में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई. हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल और संसाधन लगाने पड़े.
पुलिस का कहना है कि मृतक के शव को आधार बनाकर असामाजिक तत्वों ने पहले से नियोजित तरीके से अवैध जमावड़ा किया. लोक सेवकों को उनके वैध कर्तव्यों के निर्वहन से रोका गया. सार्वजनिक शांति भंग की गई. आगजनी और तोड़फोड़ कर सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया.पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सीसीटीवी फुटेज और घटना के दौरान बनाए गए वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.नगर थाना में दर्ज केस में 63 लोगों को नामजद किया गया है जबकि 500 से 600 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है.
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