Vijay Thakur
GODDA : अशोक स्तंभ पर आज समाज कल्याण संगठन के बैनर तले प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और अभिभावक मौजूद रहे. धरना को संबोधित करते हुए समाजसेवी आर्यन चंद्रवंशी ने कहा कि जिले में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी चरम पर है. अभिभावकों को उसी स्कूल से किताब, कॉपी और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, जहां किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाती, जबकि बाजार में वही सामान कम कीमत पर उपलब्ध है.
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री-एडमिशन के नाम पर वसूली
उन्होंने आगे कहा कि हर साल री-एडमिशन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और उनके अधिकारों का खुला शोषण हो रहा है. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के निजी विद्यालय राइट टू एजुकेशन (RTE) कानून का भी पालन नहीं कर रहे हैं, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है. समाजसेवी टिपलाल साह ने कहा कि जिले में कई स्कूल बिना निबंधन के संचालित हो रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. वहीं वार्ड पार्षद इफ्तिखार रसल ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है, जबकि यह सेवा का माध्यम होना चाहिए. वार्ड पार्षद चट्टान मसीहा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा.
कार्रवाई नहीं हुई, तो होगा आंदोलन
समाजसेवी ठाकुर विक्रम सिंह ने बताया कि निजी स्कूलों में विकास शुल्क, बिजली शुल्क सहित कई प्रकार के अनावश्यक शुल्क लेकर अभिभावकों को ठगा जा रहा है. पूर्व उपाध्यक्ष वेणु चौबे ने इस मुहिम को युवाओं की सराहनीय पहल बताते हुए जिला प्रशासन से इस पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की. धरना में दिलीप साह, रंजन कुमार, गुड्डू जी, इफ्तिखार रसल, चट्टान मसीहा, लालबहादुर साह, ठाकुर विक्रम सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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