DUMKA : सरकारी पदाधिकारी के रूप में चयनित होने के बाद ईमानदारी की कसमें खाने वाले पदाधिकारी पदभार मिलते ही अतिरिक्त कमाई में लग जाते हैं. झारखंड में एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां दो महीना पहले ज्वाइनिंग करने वाले प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने डीलरों से रिश्वत के रूप में 50,000 रुपए की मांग कर दी. परेशान डीलरों ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी. एसीबी ने जाल बिछाकर एमओ, बरहरवा को रिश्वत की राशि के साथ धर दबोचा.
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रिश्वत के रूप में अनुचित मांग
एसीबी, दुमका के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, बरहरवा, साहेबगंज के पद पर नवनियुक्त नंदन कुमार के द्वारा डीलरों से कलेक्शन करके 50,000 रुपया रिश्वत के रूप में प्रतिमाह मांग की गई थी. डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. आलमगीर ने इस अनुचित मांग की शिकायत एसीबी, दुमका में कर दी.

शिकायत का सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें नंदन कुमार द्वारा 50,000 रुपया रिश्वत के रूप में मांगने की पुष्टि हुई. इसके बाद शिकायतकर्ता के लिखित आवेदन और सत्यापनकर्ता के सत्यापन प्रतिवेदन के आधार पर नंदन कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर धावादल का गठन किया गया.
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पकड़ने के लिए जाल बुना गया
नंदन कुमार को रंगेहाथ पहकड़ने के लिए जाल बुना गया. गुरुवार को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कार्यालय, बरहरवा में प्रतिवादी से 40,000 रुपया रिश्वत लेते हुए नंदन कुमार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के पश्चात नन्दन कुमार के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.
