BOKARO : जिले में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए चिकित्सा पदाधिकारियों को इसके स्वास्थ्य संबंधी असर से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया. 18 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला सर्विलान्स कार्यालय के सभागार में चिकित्सा पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने की. प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को जलवायु परिवर्तन से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों, उनके पहचान और उपचार के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई.

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प्रशिक्षक सह उपाधीक्षक, अनुमंडलीय अस्पताल बेरमो डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना, मरीजों से इस विषय पर संवाद करना और उन्हें उपचार के लिए तैयार करना आज की बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के चलते वेक्टर जनित रोग, श्वसन संबंधी समस्याएं और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं, जिनकी समय रहते पहचान और उचित उपचार बेहद जरूरी है.
वहीं, महामारी विशेषज्ञ पवन कुमार श्रीवास्तव ने बढ़ते जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में ठंड के मौसम में सावधानियों पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना चाहिए और कमरों को गर्म रखने के लिए सुरक्षित हीटर का उपयोग करना चाहिए। साथ ही, कमरे को गर्म करने के लिए धुएं वाली चीजों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी.

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प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ. एन. पी. सिंह, आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सेलीना टूडू, संतोष कुमार सहित अन्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुरूप सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
