Ranchi : झारखंड मंत्रालय में जेटेट परीक्षा को लेकर चल रहे भाषा विवाद पर हाई लेवल बैठक शुरू हो गई है. भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा को जेटेट नियमावली में शामिल करने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से छात्रों और अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. बढ़ते दबाव के बीच सरकार अब इस मुद्दे पर मंथन कर रही है.
पलामू प्रमंडल सहित राज्य के कई हिस्सों के अभ्यर्थियों ने जेटेट परीक्षा में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा को शामिल करने की मांग तेज कर दी है. छात्रों का कहना है कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग इन भाषाओं का उपयोग करते हैं. यदि इन्हें परीक्षा प्रक्रिया से बाहर रखा गया, तो हजारों छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं.

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भाषा विवाद और छात्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. समिति की पहली और महत्वपूर्ण बैठक आज प्रोजेक्ट भवन में आयोजित की गई.बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर कर रहे हैं. वहीं ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई मंत्री और विभागीय अधिकारी बैठक में शामिल हैं.
माना जा रहा है, कि बैठक में छात्रों से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर बात होगी.सरकार यह समझने की कोशिश करेगी कि कितने छात्र प्रभावित हैं और किन भाषाओं को नियमावली में जोड़ा जा सकता है.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है, कि क्या आज आयोजित पहली हाई लेवल बैठक में कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा को जेटेट नियमावली में शामिल किया जाएगा या नहीं। अगर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है. छात्रों के साथ-साथ राजनीतिक दल भी इस पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.
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