PAKUR : फर्जी बोर्ड लगाकर गाड़ी में घूमने वाला एक शख्स सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है. पाकुड़ की सड़कों पर महंगी गाड़ी, साथ में बॉडीगार्ड और गाड़ी पर बड़े अक्षरों में लिखा MLA. तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं. क्योंकि पाकुड़ से आधिकारिक विधायक हैं निशात जिया. ऐसे में यह जानना जरूरी हो गया है कि आखिर यह दूसरा “माननीय” कौन है जो खुलेआम MLA बोर्ड लगाकर घूम रहा है.जानकारी के मुताबिक गाड़ी पर MLA बोर्ड लगाकर चलने वाले व्यक्ति का नाम अज़हर खान बताया जा रहा है. पहले लोगों को लगा कि शायद गाड़ी पश्चिम बंगाल की है और कोई बंगाल के विधायक होंगे. लेकिन बाद में पता चला कि मामला कुछ और ही है. बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए. इसके बावजूद गाड़ी पर MLA बोर्ड लगाकर घूमना कई कानूनी और नैतिक सवाल खड़े करता है.
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मामला यहीं नहीं रुकता. 22 जनवरी को आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वीडियो भी सामने आया है जिसमें अज़हर खान मंच से भाषण देते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. मंच, माइक और सामने मौजूद जनता के बीच दी गई इस भाषा को लेकर लोग नाराज हैं. सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्ति से मर्यादित और संसदीय भाषा की उम्मीद की जाती है. स्थानीय बनाम बाहरी कॉन्ट्रैक्टर का मुद्दा उठाया गया, लेकिन सवाल यह है कि क्या गाली-गलौज किसी भी मुद्दे का समाधान हो सकता है.
विवाद बढ़ने के बाद अज़हर खान ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि वे विधायक नहीं हैं, बल्कि उनके रिश्तेदार पश्चिम बंगाल में विधायक हैं और वे उसी गाड़ी से चलते हैं. उन्होंने खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया. लेकिन यदि गाड़ी निजी है और उसमें वर्तमान विधायक मौजूद नहीं थे, तो फिर निजी वाहन पर MLA बोर्ड किस नियम के तहत लगाया गया.सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार निजी वाहनों पर अनधिकृत बोर्ड, सायरन या हूटर का इस्तेमाल प्रतिबंधित है. ऐसे में प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग से सीधा सवाल है कि क्या इस मामले में कोई आधिकारिक अनुमति है. यदि नहीं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. लोकतंत्र में सम्मान जनता के जनादेश से मिलता है, गाड़ी पर लिखे एक बोर्ड से नहीं.
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