PALAMU : वर्तमान समय में डीजे साउंड सिस्टम के द्वारा बढ़ते शोर-शराबे पर विशेषज्ञों का कहना है कि इसके अत्यधिक शोर के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को देखते हुए किसी भी पर्व त्योहार में भी डीजे कल्चर को पूरे देश में प्रतिबंधित कर देना चाहिए. डीजे से निकलने वाली तेज आवाज के कारण बहरापन या कान के पर्दों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. बहुत तेज बेस (Bass) की धमक बुजुर्गों और हृदय रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. इससे धड़कन अचानक बढ़ सकती है. लगातार तेज आवाज से चिड़चिड़ापन, नींद न आना और तनाव जैसी समस्याएं पैदा होती हैं.
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झारखंड में पर्व-त्योहारों के अवसर पर डीजे साउंड सिस्टम पर प्रतिबन्ध पर अक्सर विरोध-प्रतिरोध देखा जाता है. रामनवमी के अवसर पर भी विपक्षी दल और कई संगठन ने डीजे प्रतिबंध पर आवाज बुलंद की थी.
झारखंड में शर्तों के साथ डीजे पर रोक लगाया गया था. लेकिन पलामू में रामनवमी के अवसर पर अन्य प्रदेशों से डीजे मंगवा कर कथित प्रतियोगिता करवाई गई. इस अत्यधिक शोर-शराबे के कारण एक महिला की तबियत खराब हो गई. इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो डीजे साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया.

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश से “शगुन डीजे” और मध्य प्रदेश से “नटराज डीजे” को बुलाया गया था. दोनों डीजे, जूलूस में निर्धारित मानकों से ज्यादा आवाज में बजाए जा रहे थे. जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही थी. इसी दौरान एक महिला की तबियत अचानक बिगड़ गई. महिला के परिजनों द्वारा टाउन थान में शिकायत दर्ज कराए जाने पर उक्त दोनों डीजे को पुलिस ने जब्त कर लिया गया.
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