RANCHI : ओरमांझी में झारखंड के सबसे बड़े आदिवासी पर्व सरहुल के दौरान माहौल अचानक गरमा गया और पूजा स्थल पर ही विवाद की स्थिति बन गई. ओरमांझी थाना क्षेत्र के कुरुम गांव में आदिवासी समाज के लोग परंपरा के अनुसार सरना स्थल पर एकत्रित होकर पाहन पुजारी दशई पाहन के नेतृत्व में सरहुल पूजा कर रहे थे और पूजा के बाद प्रसाद वितरण की तैयारी चल रही थी. इसी दौरान कुरमी समाज के कुछ लोग वहां पहुंच गए और अपने साथ खिलेश्वर महतो उर्फ खेलु को पाहन पुजारी बनाकर लाए तथा उनसे पूजा कराने की कोशिश की. इस बात का आदिवासी समाज ने कड़ा विरोध किया जिसके बाद देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. झारखंड के इस बड़े आदिवासी पर्व के बीच अचानक बढ़े तनाव से इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
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भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित जमीन से जुड़ा मामला
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को शांत कराया. मौके पर झारखंड प्रदेश आदिवासी सरना पड़हा समाज के अध्यक्ष समुन्दर पाहन और मुखिया वीरेंद्र मुंडा समेत कई लोग पहुंचे और दोनों पक्षों के साथ बैठक कर विवाद को शांत करने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि मामला सिर्फ पूजा पद्धति का नहीं बल्कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित जमीन के मुआवजे से भी जुड़ा हुआ है, फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रामनवमी के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है.
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