PAKUR : सरकारी शिक्षक रहने के बावजूद सहायक अध्यापक के द्वारा प्रधानाचार्य का कार्य किया जाना चिंता का विषय है, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था का लाभ नहीं मिल रहा है. मामला सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय रणडंगा की है. इस विद्यालय में लगभग 650 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. स्कूल में एक सरकारी और चार शिक्षक कार्यरत हैं. इस विद्यालय में सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत मुसलेउद्दीन शेख हैं. लेकिन स्कूल के ही सहायक अध्यापक अनवारूल हक को प्रभार दिया गया है.
मामले की शिकायत प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हबिबुर रहमान ने जिले के वरीय पदाधिकारी को किया था. शिकायत किए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए 19 दिसम्बर 2025 को जिला शिक्षा अधीक्षक नयन कुमार रजक ने निर्देश दिया कि दो दिनों के अंदर मो. मुसलेहुद्दीन शेख को प्रभार दिया जाय, लेकिन अभी तक सहायक अध्यापक अनवारूल शेख ने सरकारी शिक्षक मुसलेहुद्दीन शेख को प्रभार नहीं दिया है. इससे साफ प्रतीत हो रहा है कि सरकारी शिक्षक व सहायक अध्यापक मिलकर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कार्य कर रहे हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक नयन कुमार रजक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

क्या कहते हैं सरकारी शिक्षक
स्कूल के सरकारी शिक्षक मुसलेहुद्दीन शेख ने बताया कि शारीरिक समस्या के कारण प्रधानाचार्य का प्रभार नहीं लिया हूं. विभाग को भी इसकी जानकारी है. जिस वजह से स्कूल के ही सहायक अध्यापक अनवारूल हक प्राचार्य का प्रभार लेकर कार्य कर रहे हैं.
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क्या है नियम
जानकारों के मुताबिक यदि स्कूल में सरकारी शिक्षक है तो उसे ही प्राचार्य का प्रभार लेना होगा. जब किसी स्कूल में सरकारी शिक्षक नहीं होते है तो सहायक अध्यापक संचालन कर सकते है. लेकिन प्राथमिक विद्यालय रणडंगा में सरकारी शिक्षक रहने के बावजूद सहायक अध्यापक प्रधानाचार्य के रूप में स्कूल की पूरी व्यवस्था देख रहे हैं.
