BOKARO : कहा जाता है की जिले के उपायुक्त पूरे जिले के अभिभावक होते हैं. इसका उदाहरण हमें तब देखने को मिला जब डीसी मतदान केंद्रों का जायजा लेने के क्रम में बुधवार को एक स्कूल पहुंचे. वहां उन्होंने अध्ययनरत बच्चों के साथ भावनात्मक संवाद किया.
बेरमो प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय, रिजनल हॉस्पिटल फुसरो में उस समय भावुक क्षण देखने को मिला, जब जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा मतदान केंद्रों के निरीक्षण के क्रम में अचानक विद्यालय पहुंच गए. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, उपस्थिति पंजी, कक्षा संचालन और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया.
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उपायुक्त ने विद्यालय के बरामदे में बेंच पर बैठे अध्ययनरत बच्चों की कॉपियां पलट-पलट कर देखने लगे. वे नन्हें बच्चों से पढ़ाई के बारे में सवाल पूछ रहे थे और उनकी लिखावट–पढ़ाई की भी जांच कर रहे थे. इसी दौरान उनकी नजर एक नन्हें छात्र, सूरज की कॉपी पर पड़ी, जिसके कई पन्ने फटे हुए थे.
उपायुक्त ने स्नेहिलभाव से उस बच्चे से पूछा- तुम्हारी कॉपी क्यों फटी है?
सवाल सुनकर सूरज कुछ क्षण चुप रहा, फिर मासूमियत से बोला- सर, मेरी कॉपी को चूहे ने खा लिया है.
उपायुक्त ने तत्काल मदद का दिया निर्देश
नन्हें बच्चे की सादगी और परिस्थितियों को समझते ही उपायुक्त ने उपस्थित एसडीओ बेरमो मुकेश मछुआ को तत्काल अध्ययनरत बच्चों को कॉपियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही संबंधित पदाधिकारी को स्कूल बैग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि बच्चे अपनी पढ़ाई की सामग्री सुरक्षित रख सकें. आगे, कुछ ही क्षणों में उपायुक्त द्वारा अध्ययनरत सभी दस बच्चों के बीच कॉपी बांटा गया.
विद्यालय की अव्यवस्था पर डीसी ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं और संचालन व्यवस्था की कमी भी सामने आई. इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए बेरमो बीडीओ को निर्देश दिया कि बच्चों का पठन-पाठन कार्य अविलंब समीप के सामुदायिक केंद्र में अस्थायी रूप से शिफ्ट कराया जाए. साथ ही उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) जगरनाथ लोहरा को विद्यालय की मरम्मत से संबंधित प्रस्ताव अविलंब जिला मुख्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया.
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बच्चों से उपायुक्त ने किया संवाद, पूछा– फरवरी में कितने दिन होते हैं?
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद भी किया. उन्होंने सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे, जिनमें फरवरी माह में कितने दिन होते हैं? भी शामिल था. बच्चों ने उत्साहपूर्वक जवाब देकर अपनी तैयारी दिखाई.
