GOMIA : बोकारो जिला अन्तर्गत गोमिया तथा तेनुघाट वन प्रक्षेत्र के हाथी प्रभावित गांवों के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के इफ्तिखार महमूद के नेतृत्व में 20 जनवरी को बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी को हाथियों द्वारा जान-माल की हो रही लगातार क्षति पर लिखित शिकायत दिया. महमूद ने अनुमंडल पदाधिकारी से स्पष्ट कहा कि हाथियों द्वारा हो रहे जान-माल के नुकसान के लिए ग्रामीण नहीं बल्कि सरकार दोषी है. हाथियों के आवासन और स्वभाव पर बिना विचार किये सरकार खदानों तथा अन्य निर्माणों की जो स्वीकृति देते चली गई उससे हाथियों का वंशानुगत कॉरिडोर नष्ट होता चला गया. कॉरिडोर के हुए नुकसान से नाराज हाथी ग्रामीणों, उनकी खेती-बाड़ी और आवासीय घरो को क्षति पहुंचा रहे हैं.
इसे भी पढ़ें : गाड़ी से खींच कर हाथी ने युवक को कुचल कर मार डाला
महमूद ने स्थानीय वन अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे हाथियों से बचाव के लिए पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं. उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर पहल करने तथा हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीणों की टीम गठित कर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया.
एसडीओ से मिला आश्वासन
अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ ने डीएफओ बोकारो से संपर्क कर ग्रामीणों की टीम गठित करने एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर अविलंब निर्णय लेने का आश्वासन दिया.
प्रतिनिधिमंडल में देवानंद प्रजापति, खुर्शीद आलम, राजेश करमाली, मुकुंद साव, चमन केवट, बंधन महतो, अख्तर अंसारी, वासुदेव मरांडी, दसई रविदास, गणेश रजवार, हाथी द्वारा तिलैया में मारे गए प्रकाश कुमार महतो की विधवा सुमन कुमारी मुख्य रूप से मौजूद रहे.
इसे भी पढ़ें : कोल ब्लॉक के विस्थापित ग्रामीण 7 सालों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित
