PAKUR : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कॉलेज में अव्यवस्थाओं और सेमेस्टर फोर के रिजल्ट में गड़बड़ी के खिलाफ बुधवार को के के एम कॉलेज में धरना प्रदर्शन किया. कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन में विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय शामिल थे. एबीवीपी का यह आंदोलन कॉलेज में शिक्षकों की कमी, सेमेस्टर फोर के परिणाम में गड़बड़ी, नवनिर्मित भवन में बरती गई अनियमितता, कॉलेज में शौचालयों की बदहाली, बीएड कॉलेज की मान्यता रद्द किए जाने के खिलाफ है. इन मुद्दों को लेकर आंदोलन में शामिल परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय के खिलाफ भी नारेबाजी की गई.
इस दौरान प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने कहा कि सेमेस्टर फोर के छात्रों का रिजल्ट मंगलवार को घोषित हुआ है. जिसमें काफी त्रुटियां सामने आ रही हैं. कॉलेज में अंग्रेजी विषय के शिक्षक नहीं है. एक्सटर्नल में छात्र 70 में 60 नंबर ला रहे हैं और इंटरनल में उसी छात्र को 30 में से 10 नंबर, 14 नंबर, 17 नंबर ऐसे मिल रहे हैं. इसका मतलब छात्र थ्योरी में 90 प्रतिशत से अधिक नंबर ला रहे हैं और प्रैक्टिकल में उसी छात्रों को 30 या 40 प्रतिशत नंबर मिल रहे हैं. कई छात्र ऐसे भी हैं जिन्होंने परीक्षा तो दिया है, लेकिन प्रैक्टिकल में एब्सेंट दिखा दिया है. कई सारे विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्हें एवरेज मार्क्स दिया गया है. एक ही क्लास में बैठे विद्यार्थियों को एक्सटर्नल में 70 में 14-14 नंबर मिल रहे हैं.
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दूसरी तरफ सेमेस्टर टू का फॉर्म जमा लिया जाना है. लेकिन कॉलेज में छात्रों से फॉर्म लेने वाला कोई भी नहीं है. आज हम लोग यह सोचकर आए थे कि इन मुद्दों को लेकर ज्ञापन देंगे और चले जाएंगे. लेकिन यहां आकर देख रहे हैं कि कॉलेज में ना तो प्रिंसिपल है और ना ही कोई कर्मचारी छात्रों की बात सुन रहा है. दूर दराज से आने वाली लड़कियां फॉर्म हाथों में लेकर भटक रही हैं. लड़कियों से भी फॉर्म लेने वाला कोई नहीं है उन्हें 27 तारीख को आने के लिए कहा जा रहा है. कॉलेज में सैंकड़ों छात्र-छात्राएं फॉर्म जमा करने के लिए आए थे. लेकिन कोई कर्मचारी है ही नहीं, जो फॉर्म जमा लें. एक दो कर्मचारी ने हम लोगों को देखकर फॉर्म जमा लेने की बात कही. लेकिन जब पूछा गया कि फॉर्म जमा लेने का रिसीविंग मिलेगा या नहीं. इस पर कर्मचारी का साफ जवाब था कि उन्हें कुछ भी पता नहीं है. इसलिए वे रिसीविंग नहीं दे सकते हैं.
उन्होंने कहा कि कॉलेज की लापरवाही देखिए कि पाकुड़ जिले का एकमात्र सरकारी बीएड कॉलेज की मान्यता इसलिए रद्द हो गई कि यहां जरूरत के मुताबिक बिल्डिंग नहीं है. पुराना जो बिल्डिंग है, वह भी जर्जर स्थिति में है. एक तरफ कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी गई, दूसरी तरफ मान्यता बहाल होने की झूठी खबर फैला कर एडमिशन चालू करा दिया गया. प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने कहा कि कॉलेज परिसर में करोड़ों रुपए के जो दो-दो बिल्डिंग बने हैं, दोनों का बोर्ड गायब कर दिया गया है. आज बिल्डिंग की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि, हाथ से घिसने भर से प्लास्टर उखड़ रहे है. जबकि निर्माण हुए एक साल भी पूरा नहीं हुआ है. दोनों नवनिर्मित बिल्डिंग की जांच होनी चाहिए.
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आज इन्हीं मुद्दों पर जब आंदोलन कर रहे हैं तो कॉलेज की ओर से कोई भी बात करने तक नहीं आ रहा है. इसलिए हमारा आंदोलन अब अनिश्चितकाल तक चलेगा. जब तक प्रिंसिपल आकर ठोस रूप से वार्ता नहीं करेंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. आज से हमारी रातें भी यहीं कटेंगी. उन्होंने कहा कि कॉलेज के शौचालय की स्थिति बेहद खराब है. यहां शौचालय में पानी की व्यवस्था तक नहीं है. किसी में दरवाजा भी नहीं है. लड़कियों के लिए जो शौचालय है, उसकी भी स्थिति बहुत ज्यादा खराब है. उन्होंने कहा कि शौचालय में गुटखा थूका हुआ है. कॉलेज में ये गुटखा खाने वाले कौन लोग हैं. इनकी भी पहचान होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर कॉलेज की स्थिति बहुत ही दयनीय और सोचनीय है. कहा जाए तो, कॉलेज की व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर हैं. इसलिए इस बार हमारा आंदोलन अंतिम निर्णय तक चलेगा. अगले दिन से आंदोलन में और ज्यादा लोग शामिल होंगे. इस मौके पर नगर सह मंत्री रॉकी दास, कॉलेज उपाध्यक्ष सुमित सेन, जिला संयोजक सुमित पांडेय, सुलभ कुमार, अफराज अहमद, सनाउल्लाह शेख, शरीफ अहमद, राकेश कुमार, रंजीत राय आदि मौजूद थे.
