PAKUR : जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ साहसिक कदम और त्वरित पुलिसिया कार्रवाई का एक सराहनीय मामला सामने आया है.जहां एक 15 वर्षीय छात्रा ने अपनी सूझबूझ से न केवल अपना भविष्य बचाया, बल्कि बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ एक मिसाल भी पेश की.

उक्त बच्ची ने शादी से इंकार कर दिया और स्कूल जाकर शिक्षकों से आगे की भविष्य के लिए गुहार लगाई. पुलिस ने भी इस मामले में गंभीरता दिखाई. बुद्धिजीवी समाज बच्ची के इस साहसिक कदम की सराहना कर रहा है. जानकारी के मुताबिक महेशपुर के एक स्कूल में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के परिजनों ने उसका विवाह तय कर दिया था. अपनी पढ़ाई जारी रखने और कम उम्र में शादी के बंधन से बचने के लिए लड़की ने साहस जुटाया और सीधे अपने स्कूल पहुंच गई. वहां उसने शिक्षकों को अपने विवाह के बारे में सूचित करते हुए स्पष्ट रूप से शादी से इनकार कर दिया. वहीं स्कूल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत थाना प्रभारी रवि शर्मा को सूचना दिया. पुलिस ने बच्ची के घर पहुंचकर विवाह को तत्काल रोक दिया.
