RANCHI : झारखंड के हथकरघा. हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले भारत टेक्स 2026 में झारखंड का विशेष पवेलियन स्थापित किया जाएगा. इस पवेलियन के माध्यम से राज्य के पारंपरिक उत्पादों. जनजातीय हस्तशिल्प. हैंडलूम और टेक्सटाइल उद्योग की विशेषताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा.

भारत मंडपम में बनेगा राज्य का विशेष पवेलियन
उद्योग विभाग के अनुसार झारखंड पवेलियन में राज्य के बुनकरों. शिल्पकारों. स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म. लघु एवं मध्यम उद्यमों द्वारा तैयार उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. इससे स्थानीय उत्पादों को नए बाजार मिलने के साथ निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. भारत टेक्स 2026 का आयोजन 14 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा. यह दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत टेक्सटाइल व्यापार मेलों में शामिल है. इसमें 5,500 से अधिक प्रदर्शकों. 130 से ज्यादा देशों के खरीदारों और लाखों आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है. राज्य सरकार का मानना है कि इस आयोजन में भागीदारी से झारखंड के पारंपरिक वस्त्र और हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. साथ ही राज्य के उद्यमियों को नए व्यापारिक साझेदार और निवेश के अवसर भी प्राप्त होंगे.
सरकार की कोशिश है कि झारखंड के स्थानीय उत्पादों को ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से जोड़ते हुए उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई जाए. भारत टेक्स 2026 में झारखंड पवेलियन इसी दिशा में राज्य की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
