PAKUR : जिले के हिरणपुर प्रखंड प्रमुख रानी सोरेन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पंचायत समिति सदस्यों ने गोलबंदी तेज कर दी है. इस संबंध में प्रखंड के 14 पंचायत समिति सदस्यों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है. सदस्यों का आरोप है कि प्रमुख की कार्यशैली और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ था. इसी के चलते अब सभी सदस्य एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

कार्यशैली और विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप, विशेष बैठक बुलाने की मांग
डीसी को दिए गए आवेदन में सदस्यों ने विशेष बैठक बुलाने और अविश्वास प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि पंचायत हित और विकास कार्यों को गति देने के लिए यह कदम उठाया गया है. इस घटनाक्रम के बाद प्रखंड की राजनीति गरमा गई है. प्रमुख के खिलाफ बढ़ती गोलबंदी को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं. अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है.
क्या है नियम
झारखंड पंचायत राज अधिनियम के तहत प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान है. इसके लिए पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्य सक्षम प्राधिकारी को विशेष बैठक बुलाने के लिए आवेदन देते हैं. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैठक आयोजित होती है और प्रस्ताव पर मतदान कराया जाता है.
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प्रस्ताव पारित होने के लिए निर्धारित बहुमत जरूरी होता है. नियमों के अनुसार प्रमुख के कार्यकाल के पहले एक वर्ष में अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है. वहीं कार्यकाल के अंतिम छह माह में भी ऐसा प्रस्ताव लाने पर रोक रहती है. यदि एक बार अविश्वास प्रस्ताव विफल हो जाता है तो एक वर्ष तक दोबारा प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता.
जानकारों के मुताबिक प्रस्ताव पारित होने के लिए तीन चौथाई बहुमत सहित अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है. नियमों का पालन नहीं होने पर प्रस्ताव विवादों में भी पड़ सकता है.
