PAKUR : जिले के सदर प्रखंड स्थित पूर्व झिकरहाटी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय काकड़बोना में वर्षों से जर्जर भवन में पढ़ाई हो रही है. स्कूल की हालत ऐसी है कि शिक्षक और छात्र दोनों डर के साये में रहने को मजबूर हैं. सरकार भले ही शिक्षा पर हर साल लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. इस विद्यालय में करीब 470 छात्र छात्राएं पढ़ाई करते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हैं.

छत से गिरते हैं सीमेंट के टुकड़े, प्रधानाध्यापक ने की नए भवन की मांग
विद्यालय में कुल 9 कमरे हैं, जिनमें से 5 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. सिर्फ 4 कमरों में ही किसी तरह पठन पाठन का कार्य चल रहा है. स्थिति यह है कि एक ही कक्षा के छात्रों को अलग अलग कमरों में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है. जिस दिन छात्रों की संख्या ज्यादा होती है, उस दिन बैठने की भी भारी समस्या खड़ी हो जाती है. भवन की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और दीवारों में दरारें पड़ गई हैं. कई बार छत से सीमेंट के टुकड़े गिरते रहते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. बच्चों के सिर पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है.
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विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्दुल रऊफ ने बताया कि जर्जर भवन को तोड़कर नए भवन के निर्माण के लिए विभाग को लिखित आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते नया भवन नहीं बनाया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
वहीं प्रखंड शिक्षा विस्तार पदाधिकारी सुमिता मरांडी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलने पर भवन निर्माण को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
