RANCHI : National Human Rights Commission, नई दिल्ली के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने 22 अप्रैल को Ranchi University का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने रांची वीमेंस कॉलेज सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और छात्रों व शिक्षकों से संवाद किया.दौरे का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में मानवाधिकार, लैंगिक समानता और संस्थागत व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन करना था.

विश्वविद्यालय भ्रमण के बाद शहीद चौक स्थित कुलपति कॉन्फ्रेंस हॉल में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में मानवाधिकार जागरूकता, विश्वविद्यालय स्तर पर चल रहे प्रयासों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई. कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में लगभग 75 प्रतिशत छात्राएं हैं और शैक्षणिक उपलब्धियों, खासकर स्वर्ण पदक प्राप्त करने में भी वे अग्रणी हैं.
बैठक में विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं-साफ-सफाई, एंबुलेंस सेवा, पुस्तकालय, सैनिटेशन, वेंडिंग मशीन, कॉमन रूम और खेल सुविधाओं-की स्थिति पर भी विस्तार से जानकारी दी गई. डिप्टी डायरेक्टर (वोकेशनल) डॉ. स्मृति सिंह ने मानवाधिकार और लैंगिक समानता से जुड़े विभागों, समितियों और गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया.
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प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए,उन्होंने सभी संबद्ध कॉलेजों में मानवाधिकार सेल और क्लब स्थापित करने तथा उसका नोडल केंद्र रांची विश्वविद्यालय को बनाने की बात कही. इसके अलावा मानवाधिकार विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने, नियमित वर्कशॉप और सेमिनार आयोजित करने और विश्वविद्यालय के जर्नल्स में इस विषय को शामिल करने का सुझाव दिया.
उन्होंने यह भी कहा कि मानवाधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाए और 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जाएं.साथ ही लैंगिक समानता पर ठोस पहल, NHRC की वेबसाइट व प्रकाशनों से अद्यतन रहने और शैक्षणिक सामग्री साझा करने पर जोर दिया.उन्होंने प्रेरणादायक पहल के तहत भारत की पहली महिला कुलपति Hansa Mehta के योगदान को छात्रों तक पहुंचाने और परिसर में उनकी तस्वीर लगाने का सुझाव भी दिया.
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प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय में स्थापित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सराहना करते हुए इसमें आयुर्वेद और होम्योपैथी सेवाएं जोड़ने की सलाह दी, ताकि छात्रों को समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय इन सुझावों पर गंभीरता से अमल करेगा और मानवाधिकार व समानता के क्षेत्र में अपने प्रयासों को और मजबूत करेगा.
दौरे के दौरान प्रो. त्रिपाठी ने टीआरएल विभाग और आईक्यूएसी का भी निरीक्षण किया तथा शैक्षणिक और शोध गतिविधियों की जानकारी ली. इसके अलावा उन्होंने पीजी बॉटनी विभाग में आयोजित पृथ्वी दिवस कार्यक्रम में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण और मानवाधिकार के आपसी संबंधों पर अपने विचार साझा किए.
