RANCHI : भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को झारखंड सहित देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने की घोषणा कर दी है. चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को पत्र जारी कर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है.
पत्र के अनुसार 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से SIR की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने पिछले वर्ष जून में ही पूरे देश में SIR शुरू करने का आदेश दिया था. चुनाव आयोग ने पहले फेज में बिहार में SIR करवाया था. दूसरे फेज के तहत, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 28 अक्टूबर 2025 से SIR जारी है.
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SIR की प्रक्रिया
SIR के दौरान BLO/BLA मतदाता को एक विशेष फॉर्म के अलावा अलग अलग प्रयोजन हेतु फॉर्म देते हैं. मतदाता को सारी जानकारी उपलब्ध करवानी होती है. यदि दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा. अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित दस्तावेज देने होंगे.
किन दस्तावेजों की जरूरत
आधार कार्ड
पेंशनर पहचान पत्र
किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
जन्म प्रमाणपत्र
पासपोर्ट
10वीं की मार्कशीट
स्थायी निवास प्रमाणपत्र
वन अधिकार प्रमाणपत्र
जाति प्रमाणपत्र
राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
परिवार रजिस्टर में नाम
जमीन या मकान आवंटन पत्र
SIR का उद्देश्य
1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 साल से यह प्रक्रिया बाकी है. इस लंबे कालखंड में मतदाता सूची में कई परिवर्तन हुए हैं जिनका सुधार करना जरूरी है जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना. किसी की मृत्यु के बाद भी नाम वोटर लिस्ट में रहना, विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना.
इसके अलावा कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अपात्र मतदाता सूची में शामिल न हो.
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