DUMKA : इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती या फिर कह लीजिये प्यार ने एक भरे-पूरे परिवार को टूटने की कगार पर ला खड़ा किया. 30 साल की एक महिला अपने पति और तीन छोटे बच्चों को छोड़कर करीब 1400 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश चली गई. वजह थी सोशल मीडिया पर मिला एक युवक जिसने खुद को अमीर और संपन्न परिवार से जुड़ा बताया था. महिला ने ऑनलाइन बातचीत पर भरोसा किया और नया जीवन शुरू करने के सपने देखने लगी. लेकिन जब वह आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम पहुंची तो हकीकत देखकर उसके होश उड़ गए.
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जानकारी के मुताबिक महिला के पति ने 12 जनवरी को दुमका के सरैयाहाट थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी लंबे समय से इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति से बातचीत कर रही थी. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. धीरे-धीरे महिला उस युवक के करीब होती गई और एक दिन अचानक घर छोड़कर चली गई.
घर में पीछे रह गए दो बेटे जिनकी उम्र 8 और 9 साल है और 4 साल की एक मासूम बेटी. पति के द्वारा जब हर जगह तलाश करने बाद कोई सुराग नहीं मिला तो उसने पुलिस की शरण ली. मामला गंभीर था क्योंकि इसमें तीन छोटे बच्चों और पूरे परिवार का भविष्य जुड़ा हुआ था. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी निगरानी शुरू की. मोबाइल लोकेशन और डिजिटल सर्विलांस की मदद से महिला की लोकेशन आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में ट्रेस की गई. इसके बाद एक विशेष टीम वहां भेजी गई.
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जांच में सामने आया कि जिस युवक ने खुद को अमीर बताया था वह असल में दिहाड़ी मजदूर है और फूस की झोपड़ी में रहता है. महिला जब वहां पहुंची तो उसे युवक की सच्चाई पता चली. सपनों का महल दरअसल एक झोपड़ी निकला. पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह आंध्र प्रदेश में ही रहकर कपड़े की फैक्ट्री में काम करना चाहती थी और वापस लौटने में झिझक रही थी. हालांकि उसके माता-पिता को सूचना दी गई और उनके समझाने के बाद वह झारखंड लौटने के लिए राजी हो गई.
सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने पुष्टि की कि महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया है और उसे उसके परिवार के पास वापस लाया गया है. राहत की बात यह रही कि पति ने भी उसे स्वीकार कर लिया और परिवार फिर से साथ रहने को तैयार है. पुलिस ने इस घटना को सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जोड़ते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन बातचीत और बड़े-बड़े दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है.
यह घटना बताती है कि भावनाओं में लिया गया एक फैसला पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल सकता है. सोशल मीडिया एक साधन है लेकिन समझदारी और सावधानी सबसे जरूरी है ताकि किसी भी परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े.
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