PAKUR : पाकुड़ जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपीनाथपुर गांव में वर्ष 2024 में हुए सांप्रदायिक दंगा कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. मुफस्सिल थाना की पुलिस ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो नामजद मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में बकरीद पर्व के दौरान गोपीनाथपुर गांव में कथित गौ-हत्या को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था. यह विवाद देखते ही देखते उग्र सांप्रदायिक हिंसा में तब्दील हो गया था. घटना के दौरान जमकर पथराव, आगजनी, तोड़फोड़, बमबारी और जानलेवा हमले किए गए थे, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया था. इस गंभीर घटना को लेकर मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 122/24, दिनांक 19 जून 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 109, 153(ए), 295(ए), 341, 342, 323, 307, 427, 436, 379 एवं 34 के अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3 तथा झारखंड गौवंश पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 12(1) के तहत आरोप दर्ज किए गए थे.
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पुलिस अनुसंधान के दौरान यह सामने आया कि दंगे को भड़काने और बमबारी की घटनाओं में शामिल दो नामजद अभियुक्त—अजीजुल शेख (उम्र लगभग 67 वर्ष), पिता साफी शेख और रहीम शेख उर्फ अब्दुल रहीम (उम्र लगभग 28 वर्ष), पिता अजीजुल शेख, दोनों निवासी गोपीनाथपुर—घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे. मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सतर्क निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों को विधिवत अभिरक्षा में लेते हुए माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए अग्रसारित कर दिया गया है.
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और दंगा कांड से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है. एक और आरोपी जो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वारंटी था उसको भी गिरफ्तार किया गया है.
