RANCHI : झारखंड में लंबे समय से रुके पड़े नगर निकाय चुनावों को लेकर अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है. राज्य निर्वाचन आयोग ने मेयर और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण सूची जारी कर दी है, जिसके साथ ही शहरी सरकार के चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में गई है. इस अधिसूचना के जारी होते ही राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां तेज हो गई हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार झारखंड के 9 नगर निगम समेत कुल 48 शहरी निकायों में चुनाव होंगे. इनमें कई ऐसे नगर निकाय हैं, जहां वर्ष 2020 और 2022 से चुनाव लंबित पड़े हैं. अब वार्डों के आरक्षण के बाद महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए सीटें तय कर दी गई हैं.
आरक्षण सूची के अनुसार राजधानी रांची नगर निगम की महापौर सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित की गई है, जबकि धनबाद नगर निगम सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के लिए रहेगा. पलामू (मेदिनीनगर) नगर निगम अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किया गया है. हजारीबाग नगर निगम अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के लिए सुरक्षित रहेगा. गिरिडीह नगर निगम अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है. देवघर और बोकारो नगर निगम अनारक्षित रखे गए हैं. सरायकेला-खरसावां (आदित्यपुर) नगर निगम अनुसूचित जनजाति के लिए होगा. पूर्वी सिंहभूम (मानगो) नगर निगम महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है.


राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद के अनुसार, नगर निगम के अलावा नगर परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए भी आरक्षण तय कर दिया गया है. 19 नगर पंचायतों और 20 नगर परिषदों में भी आरक्षण लागू होगा, जिससे सभी वर्गों और समुदायों को प्रतिनिधित्व मिल सके.
इस अधिसूचना के बाद अब चुनाव की घोषणा का रास्ता साफ हो गया है. माना जा रहा है कि बहुत जल्द झारखंड के शहरों में लोकतंत्र का उत्सव फिर से देखने को मिलेगा, जहां जनता अपने महापौर और अध्यक्ष चुनकर शहरी विकास की दिशा तय करेगी.
