BOKARO : पहले अपने दो साल के बेटे का गला घोंटा. और फिर पति-पत्नी दोनों ने लगा ली फांसी. कहा जा रहा है कि मामला आर्थिक तंगी का है. पति कुंदन तिवारी के सर पर करीब 25 लाख रुपए का कर्ज था. लेकिन यह सारी बातें कही-सुनी है. सच क्या है शायद ही कोई जानता है. कहानी की खास बात यह है कि जिस लड़की से कुंदन तिवारी ने 2002 लव मैरेज किया था वो पहले से शादी-शुदा थी. इतना ही नहीं उस लड़की का एक बच्चा भी था. कुंदन तिवारी के साथ प्रेम-प्रसंग में पड़ने के बाद अपने बच्चे को छोड़कर भाग गयी. भागने के बाद उसने कुंदन तिवारी से शादी की और 2023 में उसे एक और बेटा हुआ जिसका नाम कुंदन और रेखा ने रियांस रखा. लेकिन ऐसा क्या हुआ कि उसी रियांस का कुंदन और रेखा ने मिलकर हत्या कर दी और खुद आत्महत्या कर ली.
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मामला बोकारो जिले के सेक्टर 9 स्थित हरला थाना क्षेत्र के 5 स्ट्रीट का है. बताया जा रहा है कि एक मकान से एक ही परिवार के तीन सदस्यों का शव बरामद किया है. बुधवार को BSL के एक क्वाटर के बाहर बने अवैध कमरे से दो साल के बेटे रेयांश, 38 साल के पति कुंदन तिवारी, 32 साल की पत्नी रेखा कुमारी को मृत हालत में पाया गया. मृतक पति-पत्नि का शव फंदे से लटका हुआ था, जबकि उनके दो साल के बेटे का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था. हरला पुलिस ने बताया कि मृतक कुंदन बांका जिले के अमरकूट विक्रमपुर का मूल निवासी है, जिसने वर्ष 2002 में तुपकाडीह निवासी रेखा के साथ प्रेम विवाह किया था. दोनों बेटे रेयांस के साथ पिछले एक वर्ष से परमेश्वर नामक व्यक्ति के बनाए कमरे में किराये पर रह रहे थे.

बुधवार को मकान मालिक के बेटे आशीष के सूचना पर पहुंचा, तो कमरे का दरवाजा तोड़कर तीनों शवों कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की. घटना की सूचना मिलते ही सिटी डीएसपी आलोक रंजन भी इंस्पेक्टर सुदामा दास के साथ घटनास्थल पहुंचे, जांच पड़ताल शुरू किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा की, जो तीनों शवों का पोस्टमार्टम करेगी. उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मामला कर्ज के कारण आत्महत्या का प्रतीत होता है. बावजूद पुलिस तमाम संभावित बिंदु पर जांच करेगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट तमाम आशंकाओं से पर्दा हटा देगी.
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परिवार के लोगों ने मकान मालिक पर लगाया हत्या का आरोप
घटना की सूचना पाकर मृतका रेखा की मां जितनी देवी व पिता राजन महतो मौके पर पहुंचे, उन्होंने मकान मालिक पर बेटी दामाद व नाती के हत्या का आरोप लगाया है. उनका कहना था कि उनके मृतक दामाद ने मकान मालिक से रुपए लिए थे, पर आर्थिक तंगी की वजह से लौटा नहीं पा रहे थे. इस बात को लेकर कुछ दिन पूर्व मकान मालिक ने बेटी दामाद को बंधक भी बना लिया था. जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। हरला पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ था. इस बीच आरोपी ने मौका देखकर साजिश के तहत बेटी दमाम व मासूम नाती को मौत के घाट उतार दिया. इधर आवासधारी ने खुद पर लगे आरोप से इनकार किया. कहा कि मृतक ने बेटे को नौकरी लगवा देने के नाम पर 13 लाख रूपया लिया. नौकरी तो नहीं लगी, वो रुपया भी वापस नहीं कर रहा था. परंतु इस वजह से हत्या कर देनी की बात गलत है. उसकी हत्या करने से उसे उसके रुपए कैसे मिलेंगे.
