RANCHI : रांची प्रेस क्लब में ‘झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति’ की ओर से आयोजित समारोह में विद्याभूषण, डॉ. महुआ माजी, जेब अख्तर, दिनेश दिनमणि, शकुंतला मिश्रा सहित कुल 22 साहित्यकारों को विभिन्न साहित्यिक योगदानों के लिए सम्मानित किया गया. सम्मान समारोह के अलावा कार्यक्रम में झारखंड में साहित्य अकादमी की स्थापना की आवश्यकता और उससे जुड़े प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
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कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष शिरोमणि महतो ने कहा कि झारखंड में साहित्य अकादमी की स्थापना के लिए संघर्ष समिति का आंदोलन लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षों से इस दिशा में अभियान चलाया जा रहा है, और इसके लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए हैं.
इस मौके पर राज्यसभा सांसद और लेखिका डॉ. महुआ माजी ने भी झारखंड में साहित्य अकादमी की स्थापना के लिए सरकार और अपने स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य की समृद्ध भाषाई और साहित्यिक परंपरा को संस्थागत समर्थन मिलना जरूरी है.

समारोह में कथाकार और ‘द फॉलोअप’ के संपादक जेब अख्तर को कथा साहित्य में योगदान के लिए राधाकृष्ण स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया. उन्हें यह सम्मान साहित्यकार विद्याभूषण, शंभू बादल और सांसद महुआ माजी के हाथों प्रदान किया गया. सम्मान मिलने के बाद जेब अख्तर ने कहा कि झारखंड में साहित्य अकादमी का गठन समय की मांग है और सरकार को इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि कोई भी लेखक पुरस्कार के लिए नहीं लिखता, बल्कि समाज के सवालों को सामने रखने या अपने प्रतिरोध को दर्ज करने के लिए लिखता है. ऐसे प्रयासों को जब सम्मान मिलता है तो यह महसूस होता है कि समाज ने आपके काम को देखा और सराहा है.

कार्यक्रम में झारखंड की विभिन्न भाषाओं और साहित्यिक विधाओं से जुड़े कुल 22 साहित्यकारों को सम्मानित किया गया. समिति ने बताया कि आने वाले समय में राज्य की अन्य भाषाओं को भी इस सम्मान योजना में शामिल करते हुए इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा.
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सम्मानित साहित्यकारों की सूची
- बिरसा मुंडा शिखर सम्मान – विद्याभूषण, रांची (समग्र साहित्यिक अवदान)
- बिनोद बिहारी महतो स्मृति सम्मान – डॉ. बी.एन. ओहदार, रामगढ़ (झारखंड की भाषा व संस्कृति संवर्धन)
- दिशोम गुरु शिबू सोरेन स्मृति सम्मान – डॉ. महुआ माजी, रांची (साहित्य और राजनीति)
- राधाकृष्ण स्मृति सम्मान – जेब अख्तर, बेरमो (कथा साहित्य)
- डॉ. रामदयाल मुंडा स्मृति सम्मान – सुशील कुमार, दुमका (हिंदी कविता व पर्यावरण विषयक रचनाएं)
- बी.पी. केशरी स्मृति सम्मान – डॉ. मिथलेश, रांची (आलोचना और संपादन)
- फादर कामिल बुल्के स्मृति सम्मान – कमल, रांची (कथा और अनुवाद)
- भारत यायावर स्मृति सम्मान – अशोक सिंह, दुमका (समकालीन कविता)
- पद्मश्री गिरधारी राम गोंझू स्मृति सम्मान – डॉ. शकुंतला मिश्रा, रांची (नागपुरी भाषा साहित्य)
- शिवनाथ प्रमाणिक स्मृति सम्मान – डॉ. दिनेश दिनमणि, बोकारो (खोरठा भाषा साहित्य)
- रघुनाथ महतो स्मृति सम्मान – वसंत जमशेदपुरी, जमशेदपुर (छंद काव्य रचना)
- कॉमरेड महेंद्र प्रसाद सिंह स्मृति सम्मान – रूपलाल बेदिया, धनबाद (कथा व वैचारिक लेखन)
- श्रवण कुमार गोस्वामी स्मृति सम्मान – श्यामल बिहारी महतो, बोकारो (हिंदी कहानी)
- रघुनाथ मूर्मू स्मृति सम्मान – श्याम सी. टूड्डू, सिंहभूम (संथाली भाषा साहित्य)
- रमणिका गुप्ता स्मृति सम्मान – सुषमा सिन्हा, धनबाद (हिंदी कविता)
- डोमन साहु समीर स्मृति सम्मान – चंद्रिका ठाकुर देशदीप, हजारीबाग (हिंदी व अंगिका भाषा साहित्य)
- सृष्टिधर महतो स्मृति सम्मान – डॉ. वृंदावन महतो, रांची (कुड़माली भाषा साहित्य)
- जनार्दन गोस्वामी स्मृति सम्मान – डॉ. उत्तम पियूष, देवघर (हिंदी कविता)
- भाषामित्र सम्मान – राजेश पाठक, गोड्डा (कविता पुस्तक पांडुलिपि)
- सुशीला सामद स्मृति सम्मान – शारदा प्रसाद, रामगढ़ (हिंदी भाषा साहित्य)
- जगन्नाथ महतो स्मृति सम्मान – डॉ. पराग किशोर सिंह, बूंडू, रांची (पंचपरगनिया भाषा साहित्य)
- भाषामित्र सम्मान – डॉ. कृष्णा गोप, हजारीबाग (झारखंडी भाषा संस्कृति)

इन सम्मानों के लिए साहित्यकारों का चयन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा किया गया था, जिसमें समिति के अध्यक्ष शिरोमणि महतो, महासचिव नीरज नीर और उपाध्यक्ष विनोद कुमार राज विद्रोही शामिल थे.
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कार्यक्रम मुख्य रूप से प्रमोद झा रश्मि शर्मा, बासु बिहारी महतो, अनिल कुमार गोस्वामी, रतन महतो, सुजाता राज्ञी,रंजनी गुप्ता,अनाममोहदार, आलम परसा, डॉ. अमित चौधरी इत्यादि उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में समिति के पदाधिकारियों ने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए उनके साहित्यिक योगदान की सराहना की और झारखंड में साहित्यिक गतिविधियों को और मजबूत करने का आह्वान किया.
