RANCHI : केंद्र सरकार की एक योजना है SMILE यानी Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprises. इसके अंतर्गत समाज के वंचित वर्गों विशेषकर ट्रांसजेंडरों और भीख मांग कर जीवन यापन करने वाले लोगों के कल्याण के लिए योजना बनाई जाती है. 2022 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि समाज के अंतिम पायदान में खड़े वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा में ला कर उन्हें सम्मानजनक जीवन यापन करने के काबिल बनाया जाए.
SMILE के जरिए
झारखंड में भी इस योजना के जरिए ट्रांसजेंडरों और भिखारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. उन्हें योग्यता के आधार पर व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. SMILE योजना के द्वारा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिखारियों का सर्वेक्षण, उन्हें पहचान और सुरक्षा प्रदान किया जाता है. इन लोगों को चिन्हित कर उनकी मूलभूत आवश्यकता जैसे रोटी, कपड़ा और मकान को उपलब्ध कराना होता है. इस योजना में भिखारियों के लिए पुनर्वास गृह की व्यवस्था भी शामिल है.
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2011 के सर्वे के अनुसार
इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से सभी नगर निकायों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. नगर निकायों को NGO’s को चुन कर सर्वे करने को कहा गया है. सर्वे के बाद केंद्र की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा राज्यों को अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में भिखारियों की संख्या लगभग 10,819 है. वहीं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की संख्या तकरीबन 13,463 है.

सरकार का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य है कि ट्रांसजेंडरों का भी विकास हो उन्हें शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण व रोजगार से जोड़ा जाए. उनके पास भी अपना पहचान पत्र हो. जिससे वो एक गरिमामय जीवन व्यतीत कर सकें. इसी तरह भिखारियों को भी पुनर्वास करके उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधा देकर शहरों से धीरे-धीरे भिक्षावृत्ति को खत्म किया जाए.
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